Womens Asia Cup 2026 Trophy Row:एशिया कप में फिर मचा बवाल,मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भारतीय महिला टीम का इनकार, BCCI के आदेश पर हरमनप्रीत ब्रिगेड ने किया ट्रॉफी का बहिष्कार
- Womens Asia Cup 2026 Trophy Row: महिला एशिया कप 2026 में पुरस्कार वितरण के समय जमकर बवाल हो गया। जब भारतीय महिला क्रि...
- Womens Asia Cup 2026 Trophy Row: महिला एशिया कप 2026 का फाइनल भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीत लिया, लेकिन असली चर्चा ...
- यह वही ड्रामा है जो 4 महीने पहले पुरुष एशिया कप 2025 के फाइनल में भी हुआ था, जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारती...
Womens Asia Cup 2026 Trophy Row: महिला एशिया कप 2026 में पुरस्कार वितरण के समय जमकर बवाल हो गया। जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम के द्वारा श्रीलंका को फाइनल में हराकर पाकिस्तान के मोहसिन नक़वी के हाथों विजेता ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। 2025 में भारतीय पुरुष टीम के द्वारा भी ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया गया था।
महिला क्रिकेट टीम ने महिला एशिया कप 2026 लेने से किया इंकार
Womens Asia Cup 2026 Trophy Row: महिला एशिया कप 2026 का फाइनल भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीत लिया, लेकिन असली चर्चा मैदान पर जीत से ज्यादा मैदान के बाहर ट्रॉफी सेरेमनी की हो रही है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर 8वीं बार खिताब जीता, लेकिन ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। कारण थे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चीफ मोहसिन नकवी। भारतीय टीम ने नकवी के हाथों से ट्रॉफी और मेडल लेने से मना कर दिया और बिना ट्रॉफी लिए ही मैदान से लौट गई।
यह वही ड्रामा है जो 4 महीने पहले पुरुष एशिया कप 2025 के फाइनल में भी हुआ था, जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम ने भी मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था और नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए थे। अब महिला टीम ने भी उसी राह पर चलते हुए BCCI के स्टैंड का समर्थन किया है।
बेइज्जती के बाद पाकिस्तान के मोहसिन नकवी स्टेडियम से बाहर जाते हुए
क्या हुआ था फाइनल की ट्रॉफी सेरेमनी में ?
रविवार देर रात फाइनल खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी के लिए पोडियम सजाया गया था। ACC अध्यक्ष होने के नाते मोहसिन नकवी चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद थे। उन्होंने सबसे पहले श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनर्स-अप का चेक दिया। इसके बाद बारी थी चैंपियन टीम इंडिया को ट्रॉफी देने की।
लेकिन काफी देर तक भारतीय टीम ड्रेसिंग रूम से बाहर ही नहीं आई। पोडियम पर नकवी इंतजार करते रहे। इस दौरान BCCI सचिव देवजीत सैकिया भी भारतीय टीम के साथ देखे गए। भारतीय खेमे ने साफ कर दिया था कि वे नकवी के हाथों से ट्रॉफी नहीं लेंगे। आखिरकार नकवी को खाली हाथ लौटना पड़ा और भारतीय टीम बिना ट्रॉफी, बिना मेडल के ही चैंपियन बनकर होटल लौट गई।
कोच अमोल मजूमदार ने किया बड़ा खुलासा – पहले से था प्लान
इस पूरे विवाद पर भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सारा सच बता दिया। उन्होंने खुलासा किया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि BCCI ने पहले ही टीम को निर्देश दे दिए थे।
कोच मजूमदार ने कहा, “ये BCCI का रुख था और हम उसके साथ थे। हमारे लिए ये टूर्नामेंट खत्म हो चुका है। हम चैंपियन हैं। ये हमारे लिए काफी है। भारत एशिया कप 2026 का विजेता है, ये बड़े बोर्ड पर लिखा जाएगा। हमारे लिए ये टूर्नामेंट आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है। हम इस बात से खुश हैं कि विजेता हम बने हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा काम फाइनल जीतना था जो हमने जीत लिया। BCCI की तरफ से पहले ही टीम को कह दिया गया था कि अगर नकवी ट्रॉफी दें तो वह न लें। टीम इंडिया ने ठीक वैसा ही किया।”
मजूमदार ने गर्व के साथ कहा, “सच्चाई ये है कि हम विजेता हैं। हम इस बात से खुश हैं और हमें अपनी टीम की हर खिलाड़ी पर गर्व है, इसमें सपोर्ट स्टाफ भी शामिल हैं। अब हमारा फोकस एशियन गेम्स पर है।”
घटना पर BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने क्या कहा ?
क्यों है BCCI और मोहसिन नकवी के बीच तनाव ?
दरअसल, BCCI और मोहसिन नकवी के बीच तनाव पिछले एक साल से चल रहा है। नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और उनके बयानों को भारत में काफी आपत्तिजनक माना गया है। पुरुष एशिया कप 2025 के दौरान भी भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण माहौल गरम था।
उस फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराया था, लेकिन जब नकवी ट्रॉफी देने आए तो भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। उसके बाद नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए और आज तक वह ट्रॉफी BCCI को नहीं मिली है।
अब महिला टीम ने भी उसी स्टैंड को दोहराया है। BCCI का साफ संदेश है कि वह किसी भी हाल में मोहसिन नकवी जैसे व्यक्ति के हाथों से सम्मान स्वीकार नहीं करेगा।
सोशल मीडिया पर बंटी राय, टीम इंडिया के फैसले को मिल रहा समर्थन
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की राय देखने को मिल रही है। भारतीय फैंस टीम इंडिया के इस फैसले का जमकर समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि देश पहले है, ट्रॉफी बाद में। वहीं कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए।
लेकिन BCCI का रुख बिल्कुल साफ है। बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सम्मान देश का है और हम किसी भी ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी नहीं लेंगे जो भारत विरोधी बयानबाजी करता हो।
बहरहाल, ट्रॉफी भले ही भारतीय ड्रेसिंग रूम में न आई हो, लेकिन रिकॉर्ड बुक में महिला एशिया कप 2026 की विजेता के तौर पर भारत का ही नाम लिखा गया है, और यही सबसे बड़ी ट्रॉफी है।