Lucknow Mobile EMI Horror: फ़ोन की 2799 रुपये किस्त के लिए युवक का खून निकलवाया, 5 दिन बंधक बनाकर गोमती में फेंकने की धमकी - Democracysamachar.com
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फ़ोन की 2799 रुपये किस्त के लिए युवक का खून निकलवाया, 5 दिन बंधक बनाकर गोमती में फेंकने की धमकी

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • लखनऊ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मोबाइल की EMI न चुका पाने पर एक युवक को बंधक बनाकर ब्लड बैंक ले ज...
  •   उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मोबाइल की एक किस्त को लेकर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां...
  • यह सनसनीखेज मामला लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव का है। पीड़ित की मां की शिकायत पर अब डीसीपी ने मा...

Lucknow Mobile EMI Horror: लखनऊ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मोबाइल की EMI न चुका पाने पर एक युवक को बंधक बनाकर ब्लड बैंक ले जाया गया और जबरन उसका खून निकलवाया गया। आरोप है कि युवक से कई दिन तक मजदूरी कराई गई और उसके परिवार से भी EMI के नाम पर पैसे वसूले गए। मामले की शिकायत मिलते ही डीसीपी दक्षिणी ने केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।

 पीड़ित युवक ने बताई आपबीती

Lucknow Mobile EMI Horror:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मोबाइल की एक किस्त को लेकर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मोबाइल दुकानदार ने 2,799 रुपये की किस्त न चुकाने पर एक युवक को अगवा कर लिया, उसे 5 दिन तक बंधक बनाकर रखा, जबरन मजदूरी कराई और यहां तक कि उसका खून तक निकलवा दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस से मदद मांगी तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित को ही फंसाने की धमकी दे दी।

यह सनसनीखेज मामला लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव का है। पीड़ित की मां की शिकायत पर अब डीसीपी ने मामले को गंभीरता से लिया है और थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।

सैमसंग फोन की किस्त से शुरू हुआ पूरा विवाद

पीड़ित युवक की पहचान नेवल के रूप में हुई है। उसके बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि करीब एक साल पहले नेवल ने निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से जीरो डाउन पेमेंट पर 21,500 रुपये का सैमसंग का फोन खरीदा था। इसके लिए 2,799 रुपये की 12 किस्तें तय हुई थीं।

भाई का आरोप है कि फोन लेने के अगले ही महीने दुकान के कर्मचारी आकर फोन वापस ले गए, लेकिन किस्त की मांग जारी रही। इसी किस्त को लेकर दुकानदार नेवल पर लगातार दबाव बना रहा था।

स्कूटी से आए, घर से उठा ले गए और ब्लड बैंक में बेचा खून

पीड़ित की मां जदूराई ने जो आपबीती सुनाई वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। मां के मुताबिक, 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से उनके गांव राजारामखेड़ा पहुंचे और नेवल को जबरन उठा ले गए।

आरोपी उसे सीधे लखनऊ के एक प्राइवेट ब्लड बैंक में ले गए, जहां उसका 1 यूनिट खून निकलवाया गया। आरोप है कि खून को बेचकर किस्त के पैसे वसूले गए। इसके बाद आरोपियों ने नेवल को सदर इलाके के एक मकान में 5 दिन तक बंधक बनाकर रखा।

बंधक बनाकर उससे दिन-रात मजदूरी कराई गई। खाने-पीने के लिए भी ठीक से नहीं दिया गया। मां ने बताया कि बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने बड़े बेटे राजकुमार को फोन किया और धमकाकर किस्त के 2,799 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।

12 हजार की और मांग, गोमती में फेंकने की धमकी

इतने पर भी आरोपियों का मन नहीं भरा। 2,799 रुपये मिलने के बाद उन्होंने नेवल को छोड़ने के लिए 12 हजार रुपये और मांगे। जब परिवार ने पैसे देने से मना किया तो आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो नेवल को जान से मारकर उसकी लाश गोमती नदी में फेंक देंगे।

डर के मारे परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के दबाव के बाद पांचवें दिन आरोपी नेवल को छोड़ने पर राजी हुए, लेकिन उसमें भी उन्होंने क्रूरता दिखाई। उन्होंने नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा और उसका किराया भी बड़े भाई राजकुमार से ही ऑनलाइन भरवाया।

घटना के संबंध में लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी की बाइट

थाने में भी नहीं मिली मदद, डीसीपी ऑफिस पहुंची मां

परिजनों का आरोप है कि जब नेवल बदहवास हालत में निगोहां थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसकी मदद नहीं की। बल्कि कार्रवाई की मांग करने पर पुलिसकर्मियों ने उल्टा धमकाया कि अगर ज्यादा बोले तो नेवल को ही किसी केस में फंसा देंगे। इसके बाद उसे घर भेज दिया गया।

घर पहुंचकर नेवल ने जब पूरी कहानी बताई तो उसकी मां फिर से निगोहां थाने शिकायत लेकर गईं, लेकिन वहां से भी उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि यह लेन-देन का मामला है।

आखिरकार सोमवार को पीड़ित की मां जदूराई डीसीपी ऑफिस पहुंचीं और डीसीपी मोहम्मद मुश्ताक से न्याय की गुहार लगाई।

डीसीपी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मोहम्मद मुश्ताक ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा, “पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। यह बेहद गंभीर मामला है। थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस की लापरवाही की भी जांच कराई जाएगी। अगर थाने स्तर पर लापरवाही हुई है तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होगी।”

इस घटना ने लखनऊ में फाइनेंस और रिकवरी के नाम पर हो रही गुंडागर्दी की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार करती है।

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