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West Bengal : नौकरी जाने के बाद तनाव में थीं ममता बनर्जी की भतीजी, बृष्टि मुखर्जी की मौत की पुलिस जांच शुरू

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • रामपुरहाट: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की म...
  • रामपुरहाट पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, बृष्टि की मौत की परिस्थितियों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने ...
  • परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बृष्टि पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थीं। बताया जा रहा है कि वह उ...

West Bengal (Rampurhat) : पूर्व मुख्यमंत्री/टीएसपी प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी (Bristy Mukherjee) ने बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित ( मेंकुसुम्बा गांव ) अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

 

रामपुरहाट: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को मौत हो गई। 28 वर्षीय बृष्टि का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट के कुसुंबा गांव स्थित उनके घर से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।

रामपुरहाट पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, बृष्टि की मौत की परिस्थितियों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

नौकरी जाने के बाद मानसिक तनाव की बात

परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बृष्टि पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थीं। बताया जा रहा है कि वह उन कर्मचारियों में शामिल थीं, जिनकी नियुक्ति पश्चिम बंगाल के चर्चित ‘कैश फॉर जॉब’ मामले में अदालत के आदेश के बाद रद्द कर दी गई थी।

बृष्टि बोलपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर कार्यरत थीं। उनकी नियुक्ति भी उन हजारों कर्मचारियों में शामिल थी, जिनकी नौकरी नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के चलते चली गई।

करीब 26 हजार नियुक्तियां हुई थीं रद्द

शिक्षक भर्ती मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में हुई करीब 26 हजार नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। बाद में इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन शीर्ष अदालत ने भी हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

अदालत के आदेश के बाद करीब 26 हजार टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द हो गई थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी का नाम नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों की सूची में 608वें क्रम पर था।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने बृष्टि के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही सामने आएगा।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार के सदस्यों तथा अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

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