Delhi Satya Niketan Hadsa: दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरी, सैकड़ों छात्र बेघर - DU ने मदद के लिये खोले दरवाजे  - Democracy Samachar
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दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरी, सैकड़ों छात्र बेघर – DU ने मदद के लिये खोले दरवाजे 

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • इमारत गिरने से बेघर हुए छात्रों ने DU प्रशासन से मदद मांगी। इसके बाद साउथ कैंपस के मैत्रेयी और मोतीलाल समेत कई कॉलेजो...
  •  दक्षिणी दिल्ली के छात्र बाहुल्य इलाके सत्य निकेतन में रविवार को हुए बड़े हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई...
  • बिजलीपानी गुल, छात्र हुए परेशान

Delhi Satya Niketan Hadsa: इमारत गिरने से बेघर हुए छात्रों ने DU प्रशासन से मदद मांगी। इसके बाद साउथ कैंपस के मैत्रेयी और मोतीलाल समेत कई कॉलेजों ने प्रभावित छात्रों के लिए अस्थायी रहने और खाने की व्यवस्था की है

Delhi Satya Niketan Hadsa:  दक्षिणी दिल्ली के छात्र बाहुल्य इलाके सत्य निकेतन में रविवार को हुए बड़े हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। 5 मंजिला इमारत के भरभराकर गिरने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की कई इमारतों और PG को तुरंत खाली करा दिया। इस हादसे का सबसे ज्यादा असर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस के छात्रों पर पड़ा है, जो इस इलाके में किराए पर रहते हैं। अचानक PG खाली होने से सैकड़ों छात्र दर-दर भटकने को मजबूर हो गए।

बिजली-पानी गुल, छात्र हुए परेशान

हादसे के बाद इलाके में बिजली सप्लाई भी ठप हो गई। कई गर्ल्स हॉस्टल को भी सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की छात्रा सानिया वर्मा ने बताया कि हादसे के 10 मिनट बाद ही बिजली चली गई और देर रात तक बहाल नहीं हुई। छात्र अपने फोन तक चार्ज नहीं कर पा रहे थे। तीन साल से सत्य निकेतन में रह रही सानिया ने कहा कि अब इस इलाके में सुरक्षा को लेकर डर बैठ गया है।

Delhi Satya Niketan Hadsa:  DU के कॉलेजों ने खोले दरवाजे

छात्रों की इस मुश्किल घड़ी में दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके कॉलेज मसीहा बनकर सामने आए हैं। साउथ कैंपस की डायरेक्टर प्रोफेसर रजनी अब्बी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि हादसे के बाद से उनके पास मदद के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। स्थिति को देखते हुए कई कॉलेजों ने तुरंत अस्थायी रहने और खाने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

मैत्रेयी, मोतीलाल और आर्यभट्ट कॉलेज ने की पहल

सबसे पहले मैत्रेयी कॉलेज ने गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए अपने गेट खोल दिए। रविवार शाम तक करीब 10 छात्राएं अपना सामान लेकर कॉलेज पहुंच चुकी थीं, जबकि कॉलेज ने 20 छात्रों के रहने का इंतजाम किया था। कॉलेज की BA छात्रा अनन्या शुक्ला ने बताया कि कुछ छात्राओं ने होटलों में शरण ली है, लेकिन कई की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है।

इसके अलावा मोतीलाल नेहरू कॉलेज और आर्यभट्ट कॉलेज ने भी प्रभावित छात्रों के लिए कैंपस में रहने और भोजन की व्यवस्था की घोषणा की है। जीसस एंड मैरी कॉलेज (JMC) ने भी छात्राओं की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। कई छात्र फिलहाल अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।

प्रशासन ने इलाके को सील कर दिया है और क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच की जा रही है।

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