Kanpur Kakadev Murder Case: कारोबारी अमित गुप्ता हत्याकांड का आरोपी संजय ढाबा एनकाउंटर में गिरफ्तार, 55 मुकदमे दर्ज
- Kanpur Kakadev Murder Case: कानपुर के काकादेव में कारोबारी अमित गुप्ता हत्याकांड के आरोपी हिस्ट्रीशीटर संजय ढाबा को प...
- Kanpur Kakadev Murder Case: कानपुर के काकादेव में 5 सितंबर की रात को सरेराह पेशाब करने से रोकने पर कारोबारी अमित गुप्...
- मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती क...
Kanpur Kakadev Murder Case: कानपुर के काकादेव में कारोबारी अमित गुप्ता हत्याकांड के आरोपी हिस्ट्रीशीटर संजय ढाबा को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया, इस दौरान जवाबी फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पूछताछ में संजय ने बताया कि खुद को बेगुनाह बताने वाले वीडियो उसने पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष अवनीश दीक्षित के कहने पर जारी किए थे, पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है। 55 मुकदमों वाला संजय फिलहाल पुलिस हिरासत में है।
पुलिस मुठभेड़ में घायल आरोपी संजय सिंह उर्फ संजय ढाबा
Kanpur Kakadev Murder Case: कानपुर के काकादेव में 5 सितंबर की रात को सरेराह पेशाब करने से रोकने पर कारोबारी अमित गुप्ता की ईंट से सिर कुचलकर की गई हत्या के मामले में काकादेव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने रविवार शाम सचेंडी के पास मुठभेड़ के बाद इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और 55 मुकदमों वाले हिस्ट्रीशीटर संजय सिंह चौहान उर्फ संजय ढाबा को गिरफ्तार कर लिया है।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि इस वारदात में शामिल तीन अन्य आरोपी हितेंद्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू नेता, कुशल श्रीवास्तव और अश्विनी यादव अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
क्या था पूरा मामला? टॉयलेट करने से रोका तो ले ली जान
यह दिल दहला देने वाली वारदात 5 सितंबर की देर रात की है। मूल रूप से काकादेव नवीन नगर निवासी अमित कुमार गुप्ता (कारोबारी) की गड़रियनपुरवा में खरादी की दुकान है और ओम चौराहे पर उनकी मार्केट भी है। रोज की तरह 5 सितंबर को रात में वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे।
जब वह ओम चौराहे के पास पहुंचे तो वहां एक कार में चार युवक नशे में धुत होकर हंगामा कर रहे थे। उनमें से एक युवक कार से उतरकर बीच सड़क पर ही टॉयलेट करने लगा। अमित गुप्ता ने एक सभ्य नागरिक होने के नाते उसे ऐसा करने से रोका और टोका।
बस इतनी सी बात पर नशे में धुत आरोपी आग बबूला हो गए। आरोप है कि चारों युवकों ने मिलकर अमित गुप्ता पर हमला कर दिया और पास में पड़ी ईंटों से उनके सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर उन्हें मरणासन्न कर दिया। खून से लथपथ हालत में कारोबारी सड़क पर गिर पड़े और आरोपी मौके से फरार हो गए।
परिजन और स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल अमित को तुरंत शारदा नगर के अनुराग हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उन्होंने 7 सितंबर की देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
CCTV से हुई आरोपियों की पहचान, 55 मुकदमों वाला निकला मुख्य आरोपी
घटना के बाद जो सीसीटीवी फुटेज सामने आए, उसमें चारों आरोपी साफ तौर पर वारदात को अंजाम देते दिखे। परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने उनकी पहचान काकादेव थाने के हिस्ट्रीशीटर शास्त्री नगर निवासी हितेंद्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू नेता, विजय नगर निवासी कुशल श्रीवास्तव, बिठूर के परगही बांगर मंधना निवासी संजय सिंह चौहान उर्फ संजय ढाबा और कल्याणपुर आवास विकास निवासी अश्विनी यादव के रूप में की।
इनमें से संजय ढाबा सबसे शातिर अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर लूट, गैंगस्टर, चोरी, पॉक्सो एक्ट समेत करीब 55 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से काकादेव पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
वीडियो बनाकर खुद को बताया था निर्दोष, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष का नाम आया सामने
हत्या के बाद जब पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू किया तो संजय ढाबा ने अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया था।
अब पुलिस मुठभेड़ में पकड़े जाने के बाद संजय ढाबा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह वीडियो उसने प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित के कहने पर बनाया था। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि एक पत्रकार संगठन के पूर्व अध्यक्ष का इस हिस्ट्रीशीटर से क्या संबंध है और उसने ऐसा क्यों करवाया।
सचेंडी के पास पुलिस से हुई मुठभेड़, दोनों पैरों में लगी गोली
काकादेव पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संजय ढाबा सचेंडी के पास देखा गया है और शहर से भागने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख संजय ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस मुठभेड़ के बाद कानपुर कमिश्नरेट के डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के द्वारा दी गई बाइट
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अन्य तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें लगा दी गई हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद कानपुर के कारोबारियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।