Kanpur Vineet Minocha Murder Case:कानपुर के चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में आया नया मोड़,बहू के बाद मास्टरमाइंड बेटा सुब्रत भी गिरफ्तार, लाखों के कर्ज,258 फ़ोन कॉल्स और साजिश के तार जुड़े - Democracysamachar.com
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कानपुर के चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में आया नया मोड़,बहू के बाद मास्टरमाइंड बेटा सुब्रत भी गिरफ्तार, लाखों के कर्ज,258 फ़ोन कॉल्स और साजिश के तार जुड़े

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • कानपुर के चर्चित दवा व्यापारी विनीत मिनोचा हत्याकांड मे एक बड़ा मोड़ आया है, पुलिस के द्वारा बहु शालू और नौकर विशाल क...
  • उत्तर प्रदेश के कानपुर के बहुचर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले मे...
  • इस केस की गंभीरता को देखते हुए खुद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बुधवार को आरोपियों से आमनेसामने बैठाकर कई घंटों तक पूछ...

Kanpur Vineet Minocha Murder Case: कानपुर के चर्चित दवा व्यापारी विनीत मिनोचा हत्याकांड मे एक बड़ा मोड़ आया है, पुलिस के द्वारा बहु शालू और नौकर विशाल को 24 घंटे की रिमांड लेने के बाद, कारोबारी के बेटे सुब्रत को आमने-सामने बैठ कर घंटों की पूछताछ और बेटे पर लाखों का कर्ज, 258 फ़ोन कॉल्स व अन्य कई सबूतों के आधार पर बेटे को किया गिरफ्तार।

Kanpur Vineet Minocha Murder Case:उत्तर प्रदेश के कानपुर के बहुचर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में बहू शालू की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जांच में मिले डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल और आर्थिक लेन-देन की कड़ियां सीधे तौर पर सुब्रत की भूमिका की ओर इशारा कर रही हैं।

इस केस की गंभीरता को देखते हुए खुद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बुधवार को आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर कई घंटों तक पूछताछ की।

रिमांड पर लेकर हुई आमने-सामने पूछताछ

पुलिस को बुधवार को सभी आरोपियों की रिमांड मिल गई थी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने शालू, सुब्रत और मुख्य आरोपी विशाल को एक साथ बिठाकर पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान सुब्रत ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया, लेकिन पुलिस के पास मौजूद सबूतों ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दीं।

CCTV का 22 जुलाई से बंद होना बना बड़ा सवाल

जांच में सबसे बड़ा संदिग्ध पहलू घर का सीसीटीवी सिस्टम निकला। पुलिस को पता चला है कि विनीत मिनोचा के घर का सीसीटीवी कैमरा 22 जुलाई से ही बंद था। पुलिस इसे महज तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा मान रही है। आशंका है कि सबूतों को मिटाने या हत्यारों की आवाजाही को छिपाने के लिए जानबूझकर कैमरे बंद किए गए थे।

घटना वाली रात की टाइमलाइन

पुलिस ने घटना वाली रात की पूरी टाइमलाइन तैयार की है, जो कई सवाल खड़े करती है:

रात 8:59 बजे: सुब्रत और शालू घर से बाहर निकलते हैं।

रात 9:46 बजे:  विशाल और उसका साथी विनीत मिनोचा के घर में प्रवेश करते हैं।

रात 9:56 बजे: सुब्रत और शालू कॉसमॉस इन पहुंचते हैं।

रात 10:58 बजे: विनीत मिनोचा अपने घर के अंदर जाते हैं।

पुलिस अब इन सभी टाइमिंग को आपस में जोड़कर यह समझने की कोशिश कर रही है कि पूरी साजिश को कैसे अंजाम दिया गया।

आर्थिक तंगी बनी साजिश की वजह ?

जांच में सुब्रत की आर्थिक स्थिति को लेकर भी बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार सुब्रत पर 20 लाख रुपये से अधिक का कर्ज था।

  • मनी व्यू ऐप से करीब 5 लाख रुपये
  • नवी ऐप से 3 लाख रुपये
  • ICICI बैंक से 75 हजार रुपये
  • दोस्त हर्षित से करीब 9.5 लाख रुपये

परिवार से उसे हर महीने 25 हजार रुपये और पत्नी शालू को 15 हजार रुपये मिलते थे, जो कर्ज और खर्चों के सामने बेहद कम थे। पुलिस का मानना है कि यही आर्थिक दबाव हत्या की साजिश की एक बड़ी वजह बन सकता है।

साथ ही जांच में यह बात भी सामने आई है कि सुब्रत को नशे और जुए की लत थी। बताया जा रहा है कि वह एक कंपनी के अवॉर्ड फंक्शन के लिए गोवा गया था, लेकिन वहां वह नशे में होने के कारण अगले दिन अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल भी नहीं हो सका।

258 कॉल्स ने खोला राज

इस हत्याकांड में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सबसे अहम सबूत बनकर उभरा है। पुलिस जांच में पता चला है:

  • शालू और विशाल के बीच करीब 28 बार बातचीत हुई।
  • सुब्रत और विशाल के बीच 258 से ज्यादा कॉल्स हुईं।
  • वारदात से ठीक पहले और बाद में विशाल ने एक नए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया, जिससे की गई सभी 5 कॉल सिर्फ सुब्रत को की गई थीं।

इतना ही नहीं, जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज दिखाकर सुब्रत और शालू से विशाल की पहचान करने को कहा, तो शुरुआत में दोनों ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। बाद में शालू ने उसकी पहचान स्वीकार कर ली। पुलिस इसे भी साजिश को छिपाने की कोशिश के तौर पर देख रही है।

पुलिस का अगला कदम

फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश का है, जिसमें परिवार के अंदर के लोगों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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