बेकाबू ट्रक ने भक्ति में लीन श्रद्धालुओं को रौंदा, 18 की मौत, 30 घायल
- ग्वालियर में नवरात्रि के अवसर पर शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है और 30 से अध...
- 30 बजे एक अनियंत्रित ट्रक ने माता की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत ...
- हादसा मंदिर से करीब 18 किलोमीटर दूर छिनोर की तरफ जाने वाली ढलान वाली सड़क पर हुआ। नवरात्रि के कारण उस रात मंदिर में ह...
Gwalior Sheetla Mata Mandir Accident: ग्वालियर में नवरात्रि के अवसर पर शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है और 30 से अधिक लोग घायल हैं।हादसे के बाद मुख्यमंत्री/सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता (मुआवजा) की घोषणा की गई है तथा स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए सीएसपी को हटाया गया और 8 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। घायलों का इलाज जे.ए. अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
घटनास्थल के वीडियो
Navratri Tragedy MP : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शारदीय नवरात्रि के मौके पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले के ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे एक अनियंत्रित ट्रक ने माता की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में महिलाएं, बच्चे और दुकानदार भी शामिल हैं।
हादसा मंदिर से करीब 18 किलोमीटर दूर छिनोर की तरफ जाने वाली ढलान वाली सड़क पर हुआ। नवरात्रि के कारण उस रात मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ थी।
कैसे हुआ हादसा? बैरिकेड तोड़कर घुसा ट्रक
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि नवरात्रि के दौरान छिनोर वाली सड़क पर भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहां पुलिस बैरिकेड और चेक पॉइंट लगाए गए थे। सड़क पर खड़ी ढलान है, जहां ट्रक को रोकना मुश्किल होता है।
घटना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की बाइट
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक धान से लदा एक ट्रक छिनोर की ओर से आ रहा था। पुलिस ने उसे बैरिकेड पर रोकने की कोशिश की, लेकिन ट्रक बेकाबू हो गया और बैरिकेड तोड़ता हुआ तेजी से नीचे की ओर आ गया। ट्रक सीधे मंदिर के बाहरी गेट और दीवार से जा टकराया।
रास्ते में सड़क किनारे लगी प्रसाद की दुकानों और वहां मौजूद श्रद्धालुओं को ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि गेट की दीवार का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए। मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। करीब 5-6 दुकानें पूरी तरह टूट गईं और कई बाइक भी चकनाचूर हो गईं।
घटना पर कलेक्टर के द्वारा दी गई जानकारी
39 लोगों को पहुंचाया गया अस्पताल, 5 की हालत गंभीर
हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। तुरंत एम्बुलेंस और अन्य वाहन बुलाए गए। एसएसपी के अनुसार अब तक 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि 5 से 6 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है, उन्हें फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। बाकी लोगों को मामूली चोटें हैं। सभी घायलों का इलाज जयारोग्य अस्पताल, ग्वालियर में चल रहा है। कुछ घायलों को ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शी बोले – आंखों के सामने दम तोड़ दिया
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “रात करीब 1 बजे की बात है। मैंने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा। ट्रक में क्षमता से ज्यादा धान लदा था। वह अचानक आया और कुछ दुकानों और लोगों को कुचल दिया। मेरे भाई को भी चोट आई है।”
दुकानदार बबलू प्रजापति ने बताया कि उनके पिता दुकान संभाल रहे थे, तभी ट्रक आया और 4 लोगों को कुचल दिया।
मृतकों की पहचान
मृतकों में ज्यादातर ग्वालियर और आसपास के जिलों के रहने वाले हैं। अब तक जिनकी पहचान हुई है उनमें सतेंद्र सिंह गुर्जर (22), सरला तोमर (50), गौरव परिहार (18), महेश शर्मा (45), विमलेश (18), देवेश बघेल (17), प्रिंस उर्फ छोटे जाटव (16), शौर्य शर्मा (15), हेमंत राठौर, दिव्यांश कुशवाह (17) और पवन राठौर (23) शामिल हैं। 3 अन्य शवों की शिनाख्त जारी है।
मृतक के परिजनों का रो रो कर हुआ बुरा हाल
परिजनों का हंगामा, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
रविवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतकों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि नवरात्रि में भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन ने ट्रैफिक मैनेजमेंट सही नहीं किया। जब एसएसपी धर्मवीर यादव परिजनों से मिलने पहुंचे तो गुस्साई भीड़ ने उन्हें घेर लिया और उन्हें सुरक्षा के बीच वहां से निकलना पड़ा।
लोगों की मांग है कि इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा जताया गया दुख
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 2-2 लाख और अन्य घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। सभी घायलों का इलाज सरकार मुफ्त कराएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये PMNRF से देने की घोषणा की है। राहुल गांधी ने भी इसे बेहद हृदयविदारक बताया है।
घटना के संबंध में मध्य प्रदेश सरकार के एक मंत्री की बाइट
सीएम ने मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर जाकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
जांच में जुटी पुलिस, ट्रक मालिक और ड्राइवर गिरफ्तार
पुलिस ने ट्रक मालिक मोहित सिंह और ड्राइवर दिलबाग सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरटीओ की टीम ट्रक की मैकेनिकल जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। कलेक्टर ने कहा है कि ट्रक अंदर कैसे आया, स्टॉपर और चेक पॉइंट होने के बावजूद बैरिकेड कैसे टूटा, इसकी पूरी जांच होगी।
नवरात्रि के पावन पर्व पर हुआ यह हादसा पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर गया है। प्रशासन ने सभी बड़े मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।