कानपुर में कोडीन की 2.95 करोड़ की मिली खेप, दिल्ली की फर्जी कंपनी का देश में नशे का कारोबार, बिहार का तस्कर गिरफ्तार

- बबुपुरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ANTF के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कानपुर कोडीन सिरप की 2.95 करोड़ रुपये की भ...
- घटना से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो
- नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (Anti Narcotics Task Force Kanpur) को बड़ी कामयाबी मि...
Kanpur Codeine Syrup Smuggling: बबुपुरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ANTF के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कानपुर कोडीन सिरप की 2.95 करोड़ रुपये की भारी खेप ज़ब्त की है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह बड़ी बरामदगी नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है।
घटना से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो
Drug Trafficking: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (Anti Narcotics Task Force Kanpur) को बड़ी कामयाबी मिली है। टीम ने बाबूपुरवा के ढकनापुरवा इलाके में छापा मारकर प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सीरप की बड़ी खेप बरामद की है।
पुलिस ने मौके से बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किया है जिसके पास से 2500 शीशियां बरामद हुई हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ 95 लाख रुपये बताई जा रही है। यह पूरा नेटवर्क दिल्ली की एक फर्जी फार्मा कंपनी (Novotrix Lifesciences Delhi) से चल रहा था।
बाबूपुरवा के गोदाम में छुपा रखी थी 2500 शीशियां
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कानपुर में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित कोडीनयुक्त सीरप की तस्करी हो रही है। शुक्रवार को टीम ने मुखबिर की सूचना पर बाबूपुरवा (Babupurwa Drug Smuggling) के ढकनापुरवा स्थित एक गोदाम में छापा मारा।
गोदाम से टर्बो-टी नाम की 2500 शीशियां प्रतिबंधित कोडीन सीरप बरामद हुईं। टीम ने मौके से मिहिर कुमार ठाकुर नाम के युवक को गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के मगरपट्टी का रहने वाला है और वर्तमान में कानपुर के बर्रा दो स्थित बिहारी पुरवा में रह रहा था।
दिल्ली की फर्म से फर्जी बिल्टी पर हो रही थी सप्लाई
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह पूरा माल नई दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित नोवोट्रिक्स लाइफ साइंसेस नाम की फर्म से मंगवाया गया था। इस फर्म के जरिए फर्जी बिल्टी और बिल बनाकर यह नशे की खेप वाराणसी और प्रयागराज भेजी जानी थी।
आरोपी ने बताया कि उसने यह माल हनुमान ट्रेडर्स कोटवा सारनाथ वाराणसी के नाम पर बुक कराया था। कुछ दिन पहले इसी फर्म की कोडीन की खेप प्रयागराज में पकड़ी गई थी।
बची हुई खेप को कानपुर के शहर में स्थित राजधानी इंटरस्टेड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के जरिए वाराणसी भेजा जाना था। आरोपी ने ट्रांसपोर्ट से माल उठाकर ढकनापुरवा के गोदाम में छुपा दिया था ताकि पुलिस की नजर से बच सके।
प्रयागराज में भी पकड़ी जा चुकी है इसी फर्म की खेप
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अधिकारी अयनुद्दीन ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले ही इसी नोवोट्रिक्स लाइफसाइंसेस फर्म की कोडीनयुक्त सीरप की बड़ी खेप प्रयागराज में पकड़ी गई थी।
इससे साफ है कि यह एक बड़ा नेटवर्क है जो दिल्ली से फर्जी दवाएं बनाकर यूपी के कई जिलों में नशे के रूप में सप्लाई कर रहा है। युवाओं में नशे के लिए कोडीन सीरप का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
बाबूपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दिल्ली स्थित नोवोट्रिक्स कंपनी और वाराणसी के हनुमान ट्रेडर्स की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं, जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।