Mansa Parvinder Singh Jhota Murder: पंजाब में नशे के सौदागरों के हौसले हुए बुलंद, दीनदहाड़े एक्टिविस्ट की हत्या से दहला मानसा - Democracy Samachar
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पंजाब में नशे के सौदागरों के हौसले हुए बुलंद, दीनदहाड़े एक्टिविस्ट की हत्या से दहला मानसा

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • पंजाब में नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परमिंदर सिंह झोट्टा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि फेसबुक ल...
  • *मानसा/चंडीगढ़।* पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मानस...
  • यह पूरी घटना मानसा शहर के एक केमिस्ट स्टोर पर हुई, जहां झोटा नशे की दवाओं की बिक्री को लेकर दुकानदार से बात करने पहुं...

Mansa Parvinder Singh Jhota Murder: पंजाब में नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परमिंदर सिंह झोट्टा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि फेसबुक लाइव के दौरान ही उन्हें निशाना बनाया गया।

घटना के समय का लाइव वीडियो

*मानसा/चंडीगढ़।* पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मानसा जिले में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात में उनके साथ मौजूद 4 अन्य साथी भी गोली लगने से घायल हो गए।

यह पूरी घटना मानसा शहर के एक केमिस्ट स्टोर पर हुई, जहां झोटा नशे की दवाओं की बिक्री को लेकर दुकानदार से बात करने पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ा कि दुकानदार ने फायरिंग कर दी।

घटना का 5 मिनट 48 सेकंड का एक लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बहस और फिर गोली चलने की आवाज सुनाई दे रही है।

घटना के बाद शहर में जमकर हुआ बवाल और प्रदर्शन

केमिस्ट दुकान पर क्या हुआ था ?

जानकारी के मुताबिक, परविंदर सिंह झोटा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे मानसा की एक मेडिकल दुकान पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने दुकान संचालक से पूछा था कि सुबह किस व्यक्ति को नशे की दवाएं बेची गई हैं।

झोटा लंबे समय से पंजाब में नशे की खुलेआम बिक्री के खिलाफ अभियान चला रहे थे और सोशल मीडिया पर लाइव आकर ऐसी दुकानों को एक्सपोज करते थे।

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, वायरल लाइव वीडियो में झोटा और उनके साथी दुकान के मालिक के साथ नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर बहस करते नजर आ रहे हैं। बहस के दौरान ही कहासुनी तेज हो गई और आरोप है कि दुकान के अंदर मौजूद व्यक्ति ने झोटा पर गोलियां चला दीं।

3 गोलियां लगीं, लिवर भेदते हुए निकली गोली

गोली लगते ही परविंदर झोटा दुकान के अंदर ही गिर पड़े। उनके साथ आए चार अन्य लोगों को भी गोलियां लगीं। सभी घायलों को तुरंत मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया।

मानसा सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. गुरमेल सिंह ने द ट्रिब्यून को बताया कि झोटा को तीन गोलियां लगी थीं। दो गोलियां पेट में और एक जांघ में लगी थी। एक गोली उनके लिवर को भेदते हुए निकल गई, जिसके कारण अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हो गई।

डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल हुए अन्य चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है।

पूर्व यूनियन मिनिस्टर रवनीत सिंह बिट्टू के द्वारा कट्टा के संबंध में दी गई बाइट 

अस्पताल में जुटी भीड़, इलाके में तनाव

घटना की खबर फैलते ही मानसा सिविल अस्पताल में बड़ी संख्या में झोटा के समर्थक और स्थानीय लोग जुटने लगे। पूरे इलाके में सनसनी और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुकान को सील कर दिया है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद केमिस्ट दुकान का मालिक दुकान बंद कर फरार हो गया।

घटना के संबंध में शिरोमणि अकाली दल की संसद हरसिमरत कौर बादल के द्वारा दी गई बाइट 

कौन थे परविंदर सिंह झोटा?

परविंदर सिंह झोटा की उम्र करीब 40 साल थी। वे मानसा में नशा विरोधी मुहिम का जाना-पहचाना चेहरा थे। वे लगातार सोशल मीडिया पर लाइव आकर नशा बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठाते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, 9 और 6 साल के दो छोटे बेटे और उनके माता-पिता हैं।

उनके पिता भीम झोटा ने इस हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या ड्रग पेडलर्स ने की है, जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह आरोप जांच का विषय है और अभी आधिकारिक रूप से किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है।

घटना के संबंध में पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा के द्वारा दी गई बाइट 

पहला मामला नहीं, पहले भी हुई हैं हत्याएं

पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर हमला या हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले राम गोपाल, हरभगवान सिंह, जसवीर सिंह और मोहिंदर सिंह जैसे लोगों की हत्या के मामले सामने आ चुके हैं, जो नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े थे। हर मामले में पुलिस जांच और आरोप अलग-अलग रहे हैं, लेकिन इन घटनाओं ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

घटना के सम्बन्ध में मानसा के पुलिस अधीक्षक के द्वारा दी बाइट 

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हत्याकांड के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। शिरोमणि अकाली दल सहित विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार पर नशा नियंत्रण में विफलता का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि जो लोग सरकार के नशा मुक्ति अभियान में मदद कर रहे हैं, वही सुरक्षित नहीं हैं।

फिलहाल मानसा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार केमिस्ट दुकान मालिक की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है और वायरल वीडियो को भी जांच में शामिल किया गया है।

घटना के संबंध में डीआईजी हरजीत सिंह के द्वारा दी गई बाइट

मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचकर परविंदर झोटा ने घायलों का हालचाल लेने पहुंचे 

इस घटना के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक राजनीति में भूचाल आ गया है। कई विपक्षी नेताओं ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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