कानपुर : घर का आंगन धंसा, राखी बांधने जा रही युवती गड्ढे में समाई, 7 घंटे के सफल ऑपरेशन के बाद आई बहार - Democracysamachar.com
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कानपुर : घर का आंगन धंसा, राखी बांधने जा रही युवती गड्ढे में समाई, 7 घंटे के सफल ऑपरेशन के बाद आई बहार

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • कानपुर : जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने...
  • जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 6:40 बजे यशी सविता आंगन में निकली थी। तभी जमीन धंस गई और वह गड्ढे में गिर गई। बड...
  • घर में यशी अपने पिता विनोद, मां रेखा देवी, तीन बहनों रुचि, रूपा, अनुपमा और भाई भास्कर उर्फ अमित के साथ रहती है।

UTTAR PRADESH (KANPUR) : घर का आंगन धंसा, 18 साल की युवती पाताल में समाई; 60 जवानों ने 25 फीट गड्ढा खोदकर 7 घंटे में बचाई जान

कानपुर : जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। घर के आंगन में पैर रखते ही जमीन अचानक धंस गई और 18 साल की युवती गहरे गड्ढे में समा गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 6:40 बजे यशी सविता आंगन में निकली थी। तभी जमीन धंस गई और वह गड्ढे में गिर गई। बड़ी बहन ने यह देखा तो शोर मचाया और माता-पिता व भाई-बहनों को बुलाया। परिजनों ने रस्सी डालकर उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक मिट्टी और धंस गई और युवती आंखों से ओझल हो गई।

घर में यशी अपने पिता विनोद, मां रेखा देवी, तीन बहनों रुचि, रूपा, अनुपमा और भाई भास्कर उर्फ अमित के साथ रहती है।

बोरिंग वाली जगह पर धंसी जमीन

परिजनों ने बताया कि करीब तीन साल पहले इसी आंगन में बोरिंग कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन पानी नहीं निकला तो घर के बाहर दूसरी बोरिंग कराई गई। आशंका है कि उसी बंद पड़ी बोरिंग की जगह बारिश के कारण कमजोर हो गई थी और वही हिस्सा अचानक धंस गया।

पोकलैंड से खोदा गया 25 फीट समानांतर गड्ढा

सूचना मिलते ही महाराजपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। गड्ढा लगातार धंस रहा था, इसलिए सीधे अंदर उतरना खतरनाक था। टीम ने बगल में दूसरा समानांतर गड्ढा खोदने का फैसला किया।

सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि जेसीबी से खुदाई में दिक्कत होने पर पोकलैंड मशीन मंगाई गई। रेस्क्यू में NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड के करीब 60 जवान जुटे रहे।

7 घंटे की मशक्कत के बाद जिंदा निकली यशी

लगभग 7 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने 25 फीट गहरा समानांतर गड्ढा खोदकर युवती तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि युवती को तुरंत अस्पताल भेजा गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन रेस्क्यू सफल रहा है।

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