ISRO EOS-05 Mission Success: कृष्ण जन्माष्टमी को ISRO ने रचा इतिहास: श्रीहरिकोटा से EOS-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, ISRO चीफ बोले – अनुमान से बेहतर प्रदर्शन
- ISRO EOS-05 Mission Success: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) ने आज पवन दिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी को एक और बड़ी कामयाबी ...
- श्रीहरिकोटा / नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष में एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है। ISRO ने...
- प्रक्षेपण के करीब 22 मिनट बाद मिशन डायरेक्टर ने मिशन के सफल होने की घोषणा की। इस मौके पर ISRO प्रमुख वी. नारायणन और क...
ISRO EOS-05 Mission Success: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) ने आज पवन दिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी को एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से EOS-05 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा गया। इसरो चीफ वी. नारायणन ने बताया कि शुरुआती डेटा के अनुसार रॉकेट ने उम्मीद से भी ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है।
श्रीहरिकोटा / नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष में एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है। ISRO ने आज तड़के 2:55 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से EOS-05 उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। GSLV-F17 रॉकेट से हुआ यह प्रक्षेपण GSLV की 19वीं उड़ान थी।
प्रक्षेपण के करीब 22 मिनट बाद मिशन डायरेक्टर ने मिशन के सफल होने की घोषणा की। इस मौके पर ISRO प्रमुख वी. नारायणन और कई पूर्व ISRO अध्यक्ष मौजूद रहे।
ISRO प्रमुख क्या बोले ?
ISRO चीफ वी. नारायणन ने कहा, “उपग्रह से मिले आंकड़ों के मुताबिक प्रक्षेपण ने अनुमानित मानकों से भी बेहतर प्रदर्शन किया है। एक बार जब EOS-05 कक्षा में ऑपरेशनल हो जाएगा, तो यह भारत का भू-कक्षा (Geosynchronous Orbit) से पहला समर्पित इमेजिंग उपग्रह बन जाएगा, जो देश के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक डेटा प्रदान करेगा।”
क्यों है ये मिशन ऐतिहासिक ?
EOS-05 भारत का पहला अत्याधुनिक भू-तुल्यकालिक इमेजिंग सैटेलाइट है। इसका मकसद उप-भू-तुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा में स्थापित होकर पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए अहम जानकारी देना है। इससे बेहतर दृश्य, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल बैंड में उन्नत इमेजिंग की सुविधा मिलेगी, जो रक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि और मैपिंग में बेहद उपयोगी होगी।
आसान नहीं था सफर – 5 साल बाद मिली कामयाबी
यह सफलता आसान नहीं रही।
1. 2021 में फेल हुआ था मिशन: GSLV-F-10 / EOS-03 मिशन उड़ान के 307 सेकंड बाद क्रायोजेनिक अपर स्टेज में खराबी के कारण फेल हो गया था। EOS-05 उसी का रिप्लेसमेंट है।
2. 2025 में दो झटके: मई 2025 में PSLV-C61 / EOS-09 मोटर केस के चैंबर प्रेशर में गिरावट से फेल हुआ था। इसी साल PSLV-C62 भी तीसरे चरण में विसंगति के कारण 16 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित नहीं कर पाया था।
3. 8 महीने बाद वापसी: लगभग 8 महीने के अंतराल के बाद तड़के 2:55 बजे हुआ यह प्रक्षेपण सफल रहा। मध्यरात्रि में लॉन्च देखने के लिए हजारों लोग सेंटर पर मौजूद रहे।
देशभर से बधाई, मंत्री बोले – वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बन रहा भारत
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ISRO टीम को बधाई देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। GSLV-F17-EOS-05 का सफल प्रक्षेपण भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में मजबूत कर रहा है।”
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