Kanpur News:CCTV से आजादी छिनने पर बहू ने दी 6 लाख की सुपारी, 20 दिन की प्लानिंग कर चाबी देकर कराई एंट्री
- Kanpur News: पुलिस ने करोड़पति दवा व्यापारी विनीत मनोचा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता बहू शा...
- Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पॉश रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुए थोक दवा कारो...
- पुलिस के मुताबिक घर में लगे सीसीटीवी कैमरों से अपनी निजी आजादी में खलल पड़ने और लगातार टोका-टाकी से परेशान होकर बहू न...
Kanpur News: पुलिस ने करोड़पति दवा व्यापारी विनीत मनोचा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता बहू शालू को जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि घर के खर्च और शॉपिंग पर ससुर की रोक-टोक से क्षुब्ध बहू ने बदला लेने के लिए 6 लाख रुपये में पुराने नौकर विशाल और उसके साथी को हायर कर कत्ल की पूरी प्लानिंग रची थी।
हत्या के बाद सोफे पर बैठकर रोती हत्यारोपी बहू
Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पॉश रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुए थोक दवा कारोबारी हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस निर्मम हत्या के पीछे कोई और नहीं बल्कि मृतक की अपनी बहू शालू ही मुख्य साजिशकर्ता निकली। डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
पुलिस के मुताबिक घर में लगे सीसीटीवी कैमरों से अपनी निजी आजादी में खलल पड़ने और लगातार टोका-टाकी से परेशान होकर बहू ने अपने ही ससुर 63 वर्षीय विनीत मनोचा को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और इसके लिए 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने इस मामले में दो शूटरों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जिनकी निशानदेही पर बहू को हिरासत में लिया गया और कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
घटना के संबंध में डीसीपी पश्चिम की बाइट
घर के 12 साल पुराने नौकर को दी थी सुपारी : डीसीपी
डीसीपी पश्चिम ने बताया कि पकड़ा गया मुख्य शूटर विशाल गौतम कोई बाहरी नहीं था। वह पिछले 12 से 13 साल से मृतक विनीत मनोचा की बिरहाना रोड स्थित फार्मा ट्रेडर्स नाम की थोक दवा की दुकान पर काम करता था। दुकान के अलावा वह घर के छोटे-मोटे कामों के लिए भी आता-जाता था, इसलिए घर के हर सदस्य और घर की चाबी तक उसकी पहुंच थी।
जांच में सामने आया कि करीब 20 से 25 दिन पहले बहू शालू ने विशाल को अकेले में अपने ससुर को मारने का ऑफर दिया। सौदा 6 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें तय हुआ था कि काम होने के तुरंत बाद 2 लाख रुपये और उसके कुछ दिन बाद 4 लाख रुपये दिए जाएंगे। पैसों के लालच में विशाल राजी हो गया और उसने अपने दोस्त राजकिशोर को भी इस प्लान में शामिल कर लिया।
पुलिस क्राफ्ट में हत्यारोपी बहू
15 दिन तक चली हत्या की प्लानिंग,बहू ने सौंपी थी फ्लैट की चाबी
यह कोई अचानक की गई हत्या नहीं थी, बल्कि इसकी पूरी स्क्रिप्ट 15 से 20 दिन पहले लिखी गई थी। बहू शालू ने ही दोनों हत्यारों को सोसाइटी के मेन गेट और अपने फ्लैट नंबर सी-104 में बिना किसी रोक-टोक के घुसने के लिए अपने घर की डुप्लीकेट चाबी उपलब्ध कराई थी। उसने यह भी बता दिया था कि घर के लोग कब बाहर जाएंगे।
पुलिस ने अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को कब्जे में लेकर जब उसकी जांच की तो पूरी वारदात की टाइमलाइन साफ हो गई। शनिवार रात 9:40 बजे मृतक का बेटा सुब्रत मनोचा अपनी पत्नी शालू और 6 साल के बेटे श्रीजय के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में जाने के लिए घर से निकला।
बेटे के निकलने के महज 8 मिनट बाद ही यानी रात 9:46 बजे दोनों शूटर, जिनके पास पहले से चाबी थी, सीधे फ्लैट में दाखिल हो गए और अंदर छिपकर ससुर के आने का इंतजार करने लगे। रात 10:58 बजे जब विनीत मनोचा घर पहुंचे तो दोनों ने उन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उनकी गर्दन रेत दी गई और शरीर पर कई वार किए गए। कमरे में संघर्ष के निशान और फर्श व बिस्तर पर फैला खून इस बात की गवाही दे रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद रात 11:28 बजे दोनों आरोपी फ्लैट से बाहर निकलते हुए सीसीटीवी में कैद हो गए।
घटना का सीसीटीवी फुटेज
भोर के 4:30 बजे खुला राज
रविवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जब सुब्रत अपने परिवार के साथ कार्यक्रम से वापस लौटा तो फ्लैट का मुख्य दरवाजा खुला देखकर उसके होश उड़ गए। अंदर घुसने पर पिता का खून से लथपथ शव देखकर उसने चीखते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची कल्याणपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। एसीपी दिलीप सिंह ने बताया कि मौके से कोई भी सामान गायब नहीं था, जिससे लूट का एंगल पहले ही खत्म हो गया था।
पुलिस एनकाउंटर में गिरफ्तार हुए आरोपी
एल्डिको के पास पुलिस मुठभेड़ में दबोचे गए शूटर
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने शहर भर में घेराबंदी की। रविवार देर रात एल्डिको क्षेत्र के पास पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी बाइक से भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरबंस मोहाल निवासी विशाल गौतम और राजकिशोर के रूप में हुई। उनके पास से दो तमंचे बरामद हुए।
पूछताछ में दोनों ने बहू का नाम लिया, जिसके बाद पुलिस ने शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गई और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। उसने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के कारण उसे लगता था कि ससुर उस पर नजर रखते हैं और उसकी आजादी छिनी जा रही है, इसी खुंदक में उसने यह कदम उठाया।

मृतक दवा व्यापारी
कौन थे मृतक विनीत मनोचा ?
मृतक विनीत मनोचा शहर के प्रतिष्ठित दवा कारोबारी थे। वह बिरहाना रोड पर अपने बेटे सुब्रत के साथ फार्मा ट्रेडर्स के नाम से थोक दवा का बड़ा कारोबार चलाते थे। वह कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट में करीब एक करोड़ के 4 BHK फ्लैट में रहते थे। घटना के समय उनकी पत्नी पुनीता जो एक मैरिज काउंसलर हैं, गाजियाबाद में थीं और बेटी-दामाद गुरुग्राम में रहते हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है।