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Kanpur Hospital News: सिटी हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, मॉडर्न ओटी में कूलर

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • Kanpur Hospital News: उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट के कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक निजी चिकित्सालय स्टार सिट...
  • Kanpur Hospital News: एक निजी अस्पताल की घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कल्याणपुर क्षेत्र के नया शिवली ...
  • यह पूरा मामला मंगलवार को तब तूल पकड़ गया जब बर्रा के शिवाजी हॉस्पिटल में प्रसूता ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुल...

Kanpur Hospital News: उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट के कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक निजी चिकित्सालय स्टार सिटी हॉस्पिटल जो की स्वास्थ्य विभाग के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है। जहां सिजेरियन ऑपरेशन के बाद एक प्रसूता की हालत बिगड़ी इसके बाद उसको बिना रेफर लेटर दिये अन्य निजी अस्पताल के लिए भेज दिया गया जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने नया शिवली रोड स्थित स्टार सिटी हॉस्पिटल पर जाकर जमकर हंगामा किया। घंटों चले हंगामा के बाद पुलिस ने समझा बूझकर परिजनों को शांत कराया।

 घटना से संबंधित दोनों अस्पतालों के वीडियो

Kanpur Hospital News: एक निजी अस्पताल की घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कल्याणपुर क्षेत्र के नया शिवली रोड पर स्थित स्टार सिटी हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन(LSCS) के बाद एक 28 वर्षीय महिला की हालत बिगड़ी ( ऑपरेशन के बाद पेशाब आनी बंद हो गई ) और उसे आगे के इलाज के लिए बिना कोई रेफर लेटर दिये दूसरे अस्पताल भेज दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने दोनों अस्पतालों में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने ऑपरेशन थियेटर में एयर कंडीशन की जगह कूलर लगे होने और इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।

यह पूरा मामला मंगलवार को तब तूल पकड़ गया जब बर्रा के शिवाजी हॉस्पिटल में प्रसूता ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के पंजीकरण और संचालन की जांच शुरू कर दी है।

 स्टार सिटी हॉस्पिटल में हंगामा के समय का वीडियो

कौन थी मृतका और कैसे बिगड़ी तबीयत ?

मृतक प्रसूता की पहचान संगीता यादव (28 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कानपुर देहात के रसूलाबाद की रहने वाली थीं। उनके पति अभिजीत यादव ने बताया कि रविवार सुबह पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने कल्याणपुर स्थित स्टार सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।

परिजनों के मुताबिक, दोपहर के समय डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन करके बच्चे का जन्म कराया। बच्चा तो ठीक था, लेकिन ऑपरेशन के बाद से ही संगीता को पेशाब आनी बंद हो गई थी जिस कारण उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ और तेज बुखार जैसी शिकायतें होने लगीं। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क किया तो अस्पताल में न तो कोई ड्यूटी डॉक्टर, न कोई  विशेषज्ञ डॉक्टर और न कोई ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ Shirt था और न ही आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी जरूरी सुविधाएं थीं। वहीं अस्पताल के बहार लगे एलईडी बोर्ड पर मॉड्यूलर ओटी, आईसीयू, एनआईसीयू, पीबीयू जैसे शब्दों को उकेर कर लिखा गया है

आरोप है कि हालत को बिगड़ता देख अस्पताल के मालिकों और मौजूद अन्य स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए और परिजनों से कहा कि मरीज को तुरंत किसी बड़े अस्पताल ले जाओ, क्योंकि उनके पास वेंटिलेटर नहीं है।

सबसे बड़ी लापरवाही: बिना रेफर लेटर के भेजा

चिकित्सा नियमों के अनुसार, जब किसी गंभीर मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किया जाता है, तो उसे एक रेफर लेटर दिया जाता है। इस लेटर में मरीज की वर्तमान स्थिति, मरीज के इलाज का पूरा विवरण और आगे किस तरह के इलाज की जरूरत है,जिसका पूरा ब्योरा लिखा होता है। जोकि दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों के लिए इलाज शुरू करने में बेहद मददगार होता है।

परिजनों का आरोप है कि स्टार सिटी हॉस्पिटल ने इस सबसे जरूरी नियम का ही पालन नहीं किया। गंभीर हालत में तड़प रही संगीता को बिना किसी कागज, बिना किसी रेफर लेटर के ही बर्रा स्थित शिवाजी हॉस्पिटल भेज दिया गया। इससे वहां के डॉक्टरों को यह समझने में काफी दिक्कत हुई कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान मरीज को क्या दिक्कत हुई और उसे इलाज के दौरान क्या दवाइयां दी गई और रेफर करते वक्त इमरजेंसी में क्या दवा लगाई गई है।

परिजनों ने जब स्टार सिटी हॉस्पिटल में रेफर लेटर मांगा तो स्टाफ टालमटोल करने लगा। इसी बात को लेकर मंगलवार देर शाम तक घंटों हंगामा चलता रहा।

शिवाजी हॉस्पिटल में तोड़ा दम, फिर मचा कोहराम

बिना रेफर लेटर के ही संगीता को बर्रा के शिवाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इलाज शुरू किया। लेकिन दो दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार सुबह संगीता ने दम तोड़ दिया।

मौत की खबर मिलते ही शिवाजी हॉस्पिटल में परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि अगर समय पर सही इलाज और सही रेफर लेटर मिल जाता तो संगीता की जान बच सकती थी। मृतका के परिजनों की सूचना पर पुलिस पहुंची और किसी तरह मामला शांत कराया।

इसके बाद आक्रोशित परिजन सीधे कल्याणपुर के स्टार सिटी हॉस्पिटल पहुंच गए और वहां रेफर लेटर और लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर बबाल काटने लगे। रात करीब 10 बजे से 11 बजे तक अस्पताल परिसर और बहार गली में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और मृतका के परिजनों और रिश्तेदारों के द्वारा तोड़फोड़ तक की नौबत बन गई।

 स्टार सिटी हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर का वीडियो

‘मॉडर्न ओटी’ के बोर्ड के पीछे कूलर का सच

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (OT) को लेकर है। परिजनों ने बताया कि अस्पताल के बाहर बड़ा लाइट बाला बोर्ड लगा है जिस पर ‘मॉडर्न ओटी’ लिखा है। लेकिन जब वे अंदर गए तो देखा कि ओटी में तापमान नियंत्रित करने के लिए एयर कंडीशन (AC) की जगह घरों में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक का कूलर लगा हुआ था।

चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण को रोकने के लिए पूरी तरह से बंद और नियंत्रित तापमान वाला वातावरण होना चाहिए। कूलर से धूल और जानलेवा बैक्टीरिया अंदर आ सकते हैं, जो ऑपरेशन के बाद मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है। परिजनों का सीधा आरोप है कि इसी असुरक्षित ओटी में संगीता का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ी।

साथ ही परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि ऑपरेशन किस डॉक्टर ने किया, उसकी योग्यता क्या थी, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई।

 मृतक प्रसूता के आक्रोषित रिश्तेदार की बाइट

पहले भी सील हो चुका है अस्पताल ?

परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्टार सिटी हॉस्पिटल का संचालन पहले से ही सवालों के घेरे में रहा है। उनका दावा है कि यह अस्पताल पहले भी मानकों को पूरा न करने पर सील किया जा चुका है। अब स्वास्थ्य विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि अस्पताल का पंजीकरण वैध है या नहीं और इसे चलाने की अनुमति किन किन शर्तों पर दी गई थी।

क्या बोले अधिकारी ?

इस पूरे मामले पर झोलाछाप एवं नर्सिंग होम पंजीकरण के नोडल अधिकारी डॉ. रमित रस्तोगी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा, “गंभीर मरीज को बिना रेफर लेटर के दूसरे अस्पताल कैसे भेजा गया, इसकी जांच कराई जा रही है। अस्पताल की ओटी, डॉक्टरों की उपलब्धता, पंजीकरण और पूर्व में सील होने के आरोपों की भी जांच होगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

वहीं, कल्याणपुर के अतिरिक्त थाना प्रभारी रईस अहमद ने बताया कि अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। फिलहाल दोनों जगह शांति व्यवस्था कायम है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल संगीता की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। नवजात बच्चे से उसकी मां का आंचल छीन कर अनाथ कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर शहर के निजी अस्पतालों के मुनाफाखोरी, कमीशन खोरी  और लापरवाह रवैये के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की धूल मूल नीति को उजागर कर दिया है।

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