Kanpur News: पांडु नदी के बाढ़ पीड़ितों के साथ स्वास्थ्य विभाग का बड़ा खिलवाड़,बाँटे एक्सपायरी सिरप,3 बच्चे हुए बीमार
- Kanpur News: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही: पांडु नदी के बाढ़ पीड़ितों को बांटा एक्सपायरी सिरप, पीकर 3 बच्चे बीमार...
- Kanpur News: कानपुर में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलें कम होने की बजाय स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से और बढ़ ...
- मंगलवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा दवा बांटने पहुंची तो आक्रोशित लोगों ने दवा लेने से साफ इनकार कर दिया। वही...
Kanpur News: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही: पांडु नदी के बाढ़ पीड़ितों को बांटा एक्सपायरी सिरप, पीकर 3 बच्चे बीमार, गांव में हड़कंप, जिम्मेदारों ने झाड़ा पड़ला

Kanpur News: कानपुर में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलें कम होने की बजाय स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से और बढ़ गई हैं। बर्रा थाना क्षेत्र के मायापुरम इलाके में, जो इन दिनों पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर से जूझ रहा है, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को एक्सपायरी डेट का सिरप बांट दिया। इस सिरप को पीने के बाद तीन मासूम बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीणों ने सरकारी दवाएं फेंक दीं।
मंगलवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा दवा बांटने पहुंची तो आक्रोशित लोगों ने दवा लेने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, इस मामले पर कानपुर नगर के सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने सफाई देते हुए कहा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई भी एक्सपायरी सिरप नहीं बांटा गया है और मामले की जांच कराई जाएगी।
पांडु नदी का कहर और बीमारियों का खतरा
पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण पांडु नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी मायापुरम, बर्रा और आसपास के निचले इलाकों में घुस गया है। घरों में पानी भरने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के गंदे पानी के कारण इलाके में डायरिया, बुखार, सर्दी-खांसी और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को इलाके में एक मेडिकल टीम भेजी थी। टीम ने लगभग 20 परिवारों को बुखार, उल्टी-दस्त और अन्य बीमारियों से बचाव की दवाएं और सिरप वितरित किए थे।

एक्सपायरी सिरप पीते ही बिगड़ी बच्चों की हालत
ग्रामीणों के अनुसार, टीम द्वारा दिए गए सिरप की एक्सपायरी डेट जुलाई 2026 थी, यानी वह एक महीना पहले ही एक्सपायर हो चुका था। यह बात किसी ने चेक नहीं की और बच्चों को वही सिरप पिला दिया गया।
सबसे पहले जयपाल और मीना के 4 साल के बेटे ऋषभ की तबीयत बिगड़ी। सिरप पीने के कुछ ही देर बाद उसे तेज उल्टियां होने लगीं। घबराए परिजन उसे तुरंत पास के एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां दवा देने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
इसी तरह सोनम और रिंकू के 3 साल के बेटे रुद्र और अंकिता व अजय के 3 साल के बेटे आयुष ने भी वही सिरप पिया और दोनों की तबीयत बिगड़ गई। तीनों बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इसके बाद पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने जब दवा की स्ट्रिप और सिरप की बोतल पर लिखी तारीख देखी तो उनके होश उड़ गए। गुस्से में लोगों ने सारी सरकारी दवाएं नाली में फेंक दीं।
दूसरे दिन टीम को लौटाया, निजी डॉक्टर से इलाज
इस घटना के बाद मंगलवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा दवा वितरित करने मायापुरम पहुंची, तो ग्रामीणों ने दवा लेने से साफ इनकार कर दिया। लोगों का कहना था कि सरकारी दवा से उनके बच्चों की जान को खतरा है, इसलिए वे अब निजी डॉक्टरों से ही इलाज कराएंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि जिन बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी, उनकी हालत निजी डॉक्टर की दवा से अब सुधर रही है। लेकिन इस लापरवाही से पूरे इलाके में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गुस्सा और अविश्वास पैदा हो गया है। बाढ़ के पानी में पहले से ही परेशान लोग अब दवा लेने से भी डर रहे हैं।
कानपुर के सीएमओ के द्वारा घटना के संबंध में दी गई बाईट
सीएमओ ने झाड़ा पल्ला, कहा – जांच कराएंगे
इस गंभीर मामले पर जब कानपुर नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी से बात की गई तो उन्होंने इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई भी एक्सपायरी सिरप नहीं बांटा गया है।
सीएमओ ने कहा, “हमारी टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार दवाएं बांट रही है। एक्सपायरी दवा बांटने की कोई सूचना हमारे पास नहीं है। फिर भी अगर ऐसा हुआ है तो यह बेहद गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
लेकिन ग्रामीणों के पास एक्सपायरी सिरप की बोतल और बच्चों के बीमार होने के सबूत हैं, जो सीएमओ के दावे पर सवाल खड़े करते हैं।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था
यह घटना कानपुर के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ी करती है। सवाल यह है कि बिना एक्सपायरी डेट चेक किए दवाएं कैसे बांट दी गईं? क्या दवा बांटने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच नहीं की गई? और अगर सीएमओ कह रहे हैं कि विभाग ने सिरप नहीं बांटा, तो फिर मायापुरम में वह टीम कहां से आई थी?
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत देने की बजाय एक्सपायरी दवा बांटना उनकी जान से खिलवाड़ करने जैसा है। इस मामले ने एक बार फिर सरकारी सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।