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UP Pothole Free Roads: त्योहारों से पहले 681 मार्ग होंगे गड्ढामुक्त, CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • UP Pothole Free Roads: उत्तर प्रदेश में खस्ताहाल सड़कों को लेकर सीएम योगी ने सख्त आदेश जारी कर कहा है की त्योहारों से ...
  • UP Pothole Free Roads: उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से जर्जर हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त ...
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं हैं, बल्कि यह आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी हु...

UP Pothole Free Roads: उत्तर प्रदेश में खस्ताहाल सड़कों को लेकर सीएम योगी ने सख्त आदेश जारी कर कहा है की त्योहारों से पहले प्रदेश के सभी 681 प्रमुख मार्गगों को गड्ढा मुक्त किया जाये, साथ ही पूरे प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाने के लिये 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा भी की।

प्रदेश की खस्ता हाल सड़कों को लेकर CM YOGI ने दिये सख्त निर्देश

UP Pothole Free Roads: उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से जर्जर हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। त्योहारों का सीजन सिर पर है और सड़कों की खराब हालत को देखते हुए सीएम ने सभी 9 संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सड़कों को सिर्फ पैचवर्क तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें तत्काल मोटरेबल बनाया जाए और बरसात खत्म होते ही उनका स्थायी नवीनीकरण किया जाए। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने 4.36 लाख किलोमीटर सड़कों की प्रगति रिपोर्ट तलब की और 50 हजार किलोमीटर गड्ढामुक्ति के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं हैं, बल्कि यह आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी हुई हैं। इसलिए स्कूल, अस्पताल, बाजार और सरकारी दफ्तरों तक जाने वाले रास्तों को सबसे पहले ठीक किया जाए।

बारिश में खराब हुई सड़कों पर सीएम की पैनी नजर

लोक भवन में हुई इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अभी भी कई जगहों पर बारिश जारी है। ऐसे में सड़कों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश के कारण जो भी नए मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका तत्काल सर्वे कराया जाए और उन्हें भी गड्ढामुक्ति अभियान में शामिल किया जाए।

सीएम ने दो टूक कहा कि जहां सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है, वहां तत्काल प्रभाव से उसे चलने लायक बनाया जाए। बरसात के बाद उसी सड़क का पूरा नवीनीकरण किया जाएगा। इससे जनता को तत्काल राहत भी मिलेगी और सड़क की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।

बैठक में बताया गया कि सिर्फ अतिवृष्टि ही सड़कों के खराब होने का कारण नहीं है। प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं जैसे एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे और रेलवे लाइनों के निर्माण के कारण भारी वाहनों की आवाजाही भी लगातार बढ़ी है। इन भारी वाहनों के कारण भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन सभी मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है ताकि सही लक्ष्य तय किया जा सके।

त्योहारों से पहले 681 महत्वपूर्ण मार्ग होंगे गड्ढामुक्त

मुख्यमंत्री ने आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, शारदीय नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे बड़े पर्वों पर प्रदेश में करोड़ों लोगों का आवागमन होता है।

इसे देखते हुए पूरे प्रदेश में 681 ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जहां त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले गड्ढामुक्त किया जाएगा। सीएम ने कहा कि त्योहारों पर किसी भी श्रद्धालु या आम नागरिक को सड़क खराब होने के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए।

9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा

विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि इस गड्ढामुक्ति अभियान में कुल 9 विभाग शामिल हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, मंडी परिषद, पंचायती राज विभाग, सिंचाई विभाग, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग शामिल हैं।

इन सभी 9 विभागों के अधीन प्रदेश में कुल लगभग 4 लाख 36 हजार किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें से वर्तमान में करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 5,751 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा हो चुका है और युद्ध स्तर पर काम जारी है। सर्वे पूरा होने के बाद इस लक्ष्य को और बढ़ाया जा सकता है।

नवीनीकरण और मरम्मत की क्या है स्थिति ?

मुख्यमंत्री ने केवल गड्ढामुक्ति ही नहीं, बल्कि सड़कों के नवीनीकरण और विशेष मरम्मत की भी समीक्षा की।

विभाग द्वारा बताया गया कि प्रदेश में सड़कों के नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण पूरा किया जा चुका है।

वहीं, विशेष मरम्मत के लिए 5 हजार किलोमीटर का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें से 700 किलोमीटर पर काम पूरा हो चुका है। सीएम ने निर्देश दिया कि नवीनीकरण के काम में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और थर्ड पार्टी निरीक्षण भी कराया जाए।

आम आदमी से जुड़ी सड़कों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों की मरम्मत में प्राथमिकता तय की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों को सबसे पहले ठीक किया जाए जहां आम जनता का सबसे ज्यादा आना-जाना होता है।

– शिक्षण संस्थानों यानी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों तक जाने वाले मार्ग

– अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जाने वाली सड़कें

– प्रमुख बाजारों और मंडियों के मार्ग

– सरकारी कार्यालयों और तहसीलों तक जाने वाले रास्ते

– धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों के संपर्क मार्ग

इन सभी मार्गों पर बिना किसी देरी के काम शुरू किया जाए और इन्हें तत्काल आवागमन योग्य बनाया जाए।

विभागों में बेहतर समन्वय के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपस में बेहतर तालमेल के साथ काम करने को कहा। अक्सर देखा जाता है कि एक विभाग सड़क बनाता है और दूसरा विभाग उसी सड़क को खोद देता है। इससे सरकारी पैसे की बर्बादी होती है और जनता को परेशानी होती है।

सीएम ने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। जल निगम, बिजली विभाग और अन्य एजेंसियां सड़क खोदने से पहले लोक निर्माण विभाग से समन्वय करें। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली और केंद्र की सड़कों को भी समय पर ठीक करने को कहा।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद ?

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, लोक निर्माण राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद और ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम मौजूद रहे। इसके अलावा सभी 9 विभागों के प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

कुल मिलाकर योगी सरकार का लक्ष्य है कि दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश की सड़कों की तस्वीर पूरी तरह से बदल दी जाए ताकि त्योहारों पर जनता को जर्जर सड़कों की समस्या से न जूझना पड़े।

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