Gorakhpur IIT Engineer Death: सहारा एस्टेट के फ्लैट में 4 दिन पुराना शव मिला, डिप्रेशन में था आई आई टी इंजीनियर - Democracysamachar.com
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Gorakhpur IIT Engineer Death: सहारा एस्टेट के फ्लैट में 4 दिन पुराना शव मिला, डिप्रेशन में था आई आई टी इंजीनियर

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • Gorakhpur IIT Engineer Death : गोरखपुर में सन्नाटे में टूटी एक जिंदगी,सहारा एस्टेट के मलहर अपार्टमेंट के एक फ्लैट में...
  • Gorakhpur IIT Engineer Death:  गोरखपुर के पॉश इलाके सहारा एस्टेट में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ...
  • इस घटना ने एक बार फिर बड़े शहरों में अकेले रह रहे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक अलगाव पर बड़ा सवाल खड़ा कर दि...

Gorakhpur IIT Engineer Death : गोरखपुर में सन्नाटे में टूटी एक जिंदगी,सहारा एस्टेट के मलहर अपार्टमेंट के एक फ्लैट में IIT इंजीनियर (46) का 4 दिन पुराना शव मिला, 4साल पहले नौकरी जाने के बाद से डिप्रेशन में थे अभिषेक, भाई अमेरिका से लौट रहा है.

 मृतक अभिषेक त्रिपाठी का फाइल फोटो

Gorakhpur IIT Engineer Death:  गोरखपुर के पॉश इलाके सहारा एस्टेट में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के मल्हार अपार्टमेंट के एक फ्लैट में 45 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर का शव कई दिन पुरानी हालत में मिला है। मृतक की पहचान अभिषेक त्रिपाठी के रूप में हुई है, जिन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT से इंजीनियरिंग की थी। फ्लैट से आ रही तेज दुर्गंध के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया।

इस घटना ने एक बार फिर बड़े शहरों में अकेले रह रहे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक अलगाव पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक होनहार इंजीनियर, जो कभी मल्टीनेशनल कंपनी में लाखों के पैकेज पर काम करता था, वह कैसे धीरे-धीरे अकेलेपन और अवसाद के अंधेरे में चला गया और किसी को भनक तक नहीं लगी।

 मृतक की फाइल फोटो और घटनास्थल के वीडियो

बदबू आने पर खुला राज, अंदर सोफे पर पड़ा था शव

मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के सहारा एस्टेट का है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मल्हार अपार्टमेंट के लोगों ने पुलिस को फोन कर बताया कि फ्लैट नंबर से काफी बदबू आ रही है और पिछले 3-4 दिनों से फ्लैट में रहने वाले अभिषेक त्रिपाठी दिखाई नहीं दे रहे हैं।

सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कई बार दरवाजा खटखटाया और फोन लगाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। खिड़की से देखने पर अंदर कोई हलचल नहीं दिखी। इसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों और अपार्टमेंट के गार्ड की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा।

अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। अभिषेक का शव हॉल में सोफे पर पड़ा हुआ था। पुलिस ने बताया कि शव 3 से 4 दिन पुराना था और डिकम्पोज होना शुरू हो गया था। कमरे का सामान बिखरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत फोरेंसिक टीम और सीओ को सूचना दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

कौन था अभिषेक त्रिपाठी ? IIT से नोएडा तक का सफर

अभिषेक त्रिपाठी मूल रूप से कुशीनगर जिले के महासोन गांव के रहने वाले थे। उनके पिता सभा त्रिपाठी सिंचाई विभाग में एक्सईएन के पद से रिटायर्ड थे। नौकरी के कारण पूरा परिवार गोरखपुर में ही बस गया था।

परिवार के मुताबिक, अभिषेक बचपन से ही पढ़ने में बेहद तेज थे। उन्होंने कड़ी मेहनत से IIT में दाखिला लिया और वहां से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्हें नोएडा की एक बड़ी मल्टीनेशनल IT कंपनी में नौकरी मिल गई। वह लंबे समय तक वहीं काम करते रहे। उन्होंने शादी नहीं की थी।

कोरोना काल के दौरान कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम दिया तो अभिषेक गोरखपुर अपने फ्लैट में आ गए और यहीं से काम करने लगे।

4 साल पहले छूटी नौकरी, फिर जिंदगी ने ली दूसरी मोड़

परिवार के अनुसार, अभिषेक की जिंदगी में असली मोड़ 4 साल पहले आया, जब अचानक उनकी नौकरी छूट गई। नौकरी जाने के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। धीरे-धीरे वह डिप्रेशन में चले गए।

बहन गुड़िया उर्फ अर्चना ने बताया कि भाई की हालत को देखते हुए परिवार ने लखनऊ में एक निजी अस्पताल में उनका इलाज भी कराया। दवाइयां चलती रहीं, लेकिन वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए। नौकरी छूटने के बाद से उनका व्यवहार भी बदल गया था। वह कभी-कभी लोगों से गुस्से में और अभद्र भाषा में बात कर देते थे।

इसी व्यवहार के कारण धीरे-धीरे रिश्तेदारों और परिचितों ने उनसे दूरी बना ली। वह और भी अकेले होते चले गए।

बिखरा परिवार, अमेरिका से पैसे भेजता था छोटा भाई

अभिषेक का परिवार पहले ही कई दुख झेल चुका है। उनकी मां और पिता दोनों का 16 साल पहले निधन हो चुका है। पिता के निधन के 3 साल बाद मां भी चल बसीं।

अभिषेक के बड़े भाई आशुतोष बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सुरक्षा गार्ड थे, उनकी भी 2014 में चेन्नई में बीमारी के चलते मौत हो गई थी।

अब परिवार में सिर्फ एक छोटी बहन गुड़िया हैं, जो अपने पति के साथ गोरखपुर में ही रहती हैं और एक छोटा भाई अंबरीष है, जो अमेरिका में IT इंजीनियर है। नौकरी छूटने के बाद से अभिषेक का पूरा खर्च छोटा भाई अंबरीष ही उठा रहा था। वही हर महीने पैसे भेजता था। बहन और भाई समय-समय पर उनसे मिलने भी आते थे।

भाई की मौत की खबर सुनते ही छोटा भाई अंबरीष अमेरिका से गोरखपुर के लिए रवाना हो गया है। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है और छोटे भाई के आने के बाद ही पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पड़ोसियों ने कहा – बिल्कुल अकेले पड़ गए थे अभिषेक

मल्हार अपार्टमेंट के पड़ोसियों का कहना है कि अभिषेक पिछले कुछ महीनों से बिल्कुल अकेले पड़ गए थे। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। ज्यादातर समय अपने फ्लैट में ही बंद रहते थे।

कभी-कभार वह नीचे टहलने आते थे, लेकिन किसी से घुलते-मिलते नहीं थे। 3-4 दिन से जब वह दिखाई नहीं दिए तो लोगों को लगा कि कहीं बाहर गए होंगे, लेकिन शुक्रवार सुबह जब फ्लैट से तेज बदबू आने लगी तो शक हुआ और पुलिस को बुलाया गया।

पुलिस की जांच – पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

इस पूरे मामले पर सीओ कैंट कीर्ति निधि आनंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध नहीं लग रहा है। फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। किसी भी तरह की जबरदस्ती के निशान नहीं मिले हैं।

उन्होंने बताया, “अभिषेक 3-4 दिन से फ्लैट से बाहर नहीं निकले थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। कमरे से एक मोबाइल फोन मिला है जो लॉक है, उसे खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।”

पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल की जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि यह सामान्य मौत है या इसके पीछे कोई और वजह है।

सिस्टम पर सवाल – क्या हम अपनों का हाल ले रहे हैं ?

यह घटना केवल एक मौत नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश है। आज के समय में जब युवा बड़े शहरों में अकेले रह रहे हैं, नौकरी के दबाव और भविष्य की चिंता में अवसाद का शिकार हो रहे हैं, तो परिवार और समाज की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। एक IIT जैसे संस्थान से पढ़ा हुआ युवा अगर अकेलेपन में दम तोड़ देता है तो यह हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है।

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