कानपुर : RTO में प्रशासन का बड़ा एक्शन , 22 दलाल गिरफ्तार, बाबू के पास मिली बड़ी रकम
- उत्तर प्रदेश (कानपुर) : मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद कानपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। पुल...
- ड्रोन और बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ छापेमारी
- इस कार्रवाई को एसडीएम सदर अनुभव सिंह और एसओजी प्रभारी सुमित रामटेक के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। करीब 50 से ज्यादा प...
uttar Pradesh (Kanpur) : पुलिस और प्रशासन की आरटीओ परिसर में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, 22 दलाल हुए गिरफ्तार, बाबू के पास मिली बड़ी मात्रा में नगदी
उत्तर प्रदेश (कानपुर) : मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद कानपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस की आरटीओ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला प्रशासन और एसओजी की संयुक्त टीम ने सोमवार को कानपुर आरटीओ कार्यालय पर औचक छापा मारकर 22 दलालों को गिरफ्तार किया और साथ में एक बाबू से एक लाख नगद बरामद किया।इस कार्रवाई से पूरे RTO परिसर में हड़कंप मच गया है।बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने कानपुर और RTO को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों पर नाराजगी जताई थी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के बाद यह रेड की गई।
ड्रोन और बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ छापेमारी
इस कार्रवाई को एसडीएम सदर अनुभव सिंह और एसओजी प्रभारी सुमित रामटेक के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। करीब 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी बुलेट प्रूफ जैकेट में आरटीओ परिसर पहुंचे। पूरे इलाके की ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई और गेट बंद कर आवाजाही को पूर्ण रूप से रोक दिया गया।अचानक हुई छापेमारी से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई दलाल दीवार फांदकर भाग गए, जबकि 22 एजेंटों को मौके से पकड़ लिया गया। करीब 3 घंटे चली जांच के बाद सभी को काकादेव थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
एक ट्रक चालक की शिकायत बनी वजह
अधिकारियों के मुताबिक इस छापे की मुख्य वजह हमीरपुर के ललपुरा निवासी ट्रक चालक कामता प्रसाद की शिकायत थी। ट्रक ड्राइवर का आरोप है कि शनिवार को भौंती बाईपास पर एआरटीओ सोमता यादव ने उनके ट्रक का 26 हजार रुपये का गलत चालान कर दिया। चालान का कारण सीट बेल्ट न लगाना और हैवी लाइसेंस न होना बताया गया, जबकि चालक का कहना है कि उसके ट्रक मॉडल में सीट बेल्ट का प्रावधान ही नहीं है और उसके पास वैध हैवी लाइसेंस भी मौजूद है। इससे आहत होकर चालक ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी।
बाबुओं के पास मिला बेहिसाब कैश
छापेमारी के दौरान टीम ने ऑफिस के सभी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए। जांच में कैश में भी बड़ा अंतर मिला।
चालान बाबू मृदुल मिश्रा के पास से 1 लाख रुपये की नकदी मिली, जिसका वह कोई हिसाब नहीं दे सके।
बाबू विपिन कुमार के पास तय रकम से 15 हजार रुपये कम मिले।
बायोमीट्रिक काउंटर नंबर-6 पर तैनात मुजाहिद फारूकी ने बताया कि सर्वर डाउन होने से 12 बजे तक काम ठप रहा और उसके बाद सिर्फ 15 लोगों के ही बायोमीट्रिक हो सके।
आगे और होगी कार्रवाई
प्रशासन ने 8 से 10 अन्य संदिग्ध कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए चिन्हित किया है। कैश काउंटर के मिलान में भी भारी गड़बड़ी मिली है। जब्त दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके बाद और भी सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।