पिता की हत्या में बेटा ही निकला मास्टरमाइंड, 6 लाख की सुपारी देकर कराई पिता की हत्या, बहू को मिली क्लीन चिट

- कानपुर के कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीख...
- यह गिरफ्तारी कल्याणपुर थाने में हुई आमनेसामने की पूछताछ के बाद हुई, जहां नौकर विशाल गौतम ने अपना बयान बदलते हुए कहा क...
- 5 सितंबर की रात को रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में 60 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 26 बार चाकू मारकर बेरहमी से हत्या...
Kanpur Vineet Minocha Murder Case:कानपुर के कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि 40 लाख के कर्ज और सट्टा-कैसीनो की लत में फंसे उनके बेटे सुब्रत मिनोचा ने ही पिता की हत्या की साजिश रची थी। उसने विशाल गौतम और राजकिशोर के साथ मिलकर शूटरों को सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया।
दवा व्यापारी की हत्या में आरोपी बेटे की प्रेस कांफ्रेंस और थाने की वीडियो
Kanpur Vineet Minocha Murder Case :उत्तर प्रदेश के कानपुर के बहुचर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड ने बुधवार देर रात एक सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जिस हत्याकांड में अब तक बहू शालू को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा था, उसमें अब खुद मृतक का बेटा सुब्रत ही मास्टरमाइंड निकला है। कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने देर रात सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है और आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह गिरफ्तारी कल्याणपुर थाने में हुई आमने-सामने की पूछताछ के बाद हुई, जहां नौकर विशाल गौतम ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि उसे सुपारी सुब्रत ने दी थी, शालू ने नहीं।
कैसे पलटा पूरा केस ?
5 सितंबर की रात को रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में 60 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 26 बार चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकुमार उर्फ राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में विशाल ने बहू शालू का नाम लिया था, जिसके बाद शालू को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
लेकिन पुलिस की जांच में कई कड़ियां मेल नहीं खा रही थीं। इसी बीच पुलिस को 24 घंटे की रिमांड मिली। बुधवार दिन में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने खुद कल्याणपुर थाने में शालू, सुब्रत और विशाल को एक साथ बिठाकर आमने-सामने पूछताछ कराई।
इसी पूछताछ में खेल पलट गया।
नौकर का नया बयान – “सुपारी सुब्रत ने दी थी”
आमने-सामने की पूछताछ में नौकर विशाल गौतम ने साफ तौर पर कहा कि विनीत मिनोचा की हत्या के लिए उसे सुपारी सुब्रत ने दी थी। विशाल ने बताया कि सुब्रत ने उसे इस काम के लिए 6 लाख रुपये देने का वादा किया था।
विशाल ने यह भी कबूला कि पकड़े जाने पर शालू का नाम लेने के लिए भी सुब्रत ने ही कहा था। उसका मकसद अपनी पत्नी को फंसाकर खुद को बचाना था।
इस बयान के बाद पुलिस ने सुब्रत से कड़ी पूछताछ की। हालांकि सुब्रत ने अभी तक हत्या की बात कबूल नहीं की है, लेकिन पुलिस के पास मौजूद वैज्ञानिक और डिजिटल सबूत उसकी संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने पीटीआई-भाषा को बताया, “यह गिरफ्तारी तब की गई जब पुलिस ने सुपारी लेकर हत्या करने वाले विशाल गौतम का सामना सुब्रत से कराया। विशाल के दावों के मद्देनजर पुलिस सभी रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है।”
कैसे रची गई साजिश ?
पुलिस जांच में साजिश की परतें एक-एक कर खुल रही हैं:
1. डुप्लीकेट चाबी: फ्लैट में दाखिल होने के लिए नौकर विशाल ने मुख्य दरवाजे की डुप्लीकेट चाबी पहले ही बनवा ली थी। इसी चाबी से आरोपी रात में घर के अंदर घुसे थे।
2. CCTV बंद: वारदात से काफी पहले 22 जुलाई से ही घर का सीसीटीवी बंद था, ताकि कोई सबूत न बचे।
3. टाइमलाइन: घटना वाली रात 8:59 बजे सुब्रत और शालू घर से बाहर निकले, ताकि उन्हें शक न हो। इसके बाद 9:46 बजे विशाल और राजकिशोर घर में दाखिल हुए।
4. नया सिम: हत्या से कुछ दिन पहले विशाल ने एक नया सिम लिया था और उससे पहली कॉल सुब्रत को ही की थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) में सुब्रत और विशाल के बीच 258 से ज्यादा कॉल्स मिली हैं।
5. खून से सने कपड़े: आरोपी राजकिशोर के पास से खून से सने कपड़े भी बरामद हुए हैं।
हत्या के पीछे दो बड़े कारण
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने दो कारणों का जिक्र किया है। पहला – उसके पिता विनीत मिनोचा के कई महिलाओं से संबंध थे, जिससे वह नाराज था। दूसरा और सबसे बड़ा कारण – भारी कर्ज।
पुलिस के अनुसार सुब्रत पर करीब 40 लाख रुपये तक का कर्ज था, जबकि पहले 20 लाख का कर्ज बताया जा रहा था। इसमें कई ऐप लोन और दोस्तों से लिया गया उधार शामिल है। सुब्रत को पिता से महीने में 25 हजार रुपये मिलते थे, जो उसकी जरूरतों और कर्ज की किस्तों के लिए नाकाफी थे। वह शराब और जुए का भी आदी था।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के द्वारा घटना का किया गया अनावरण
पुलिस की गिरफ्त में हत्यारे बेटे ने मृतक पिता के चरित्र पर उठाए सवाल
बहू शालू को मिली क्लीन चिट
इस हत्याकांड में सबसे बड़ा अपडेट बहू शालू को लेकर है। आमने-सामने की पूछताछ के दौरान शालू ने पुलिस से कहा कि सुब्रत को बचाने के लिए उसे फंसाया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि शालू के खिलाफ अब तक कोई ठोस वैज्ञानिक या डिजिटल सबूत नहीं मिला है। इसलिए पुलिस उसे क्लीन चिट दे रही है।
पुलिस ने कहा, “सीसीटीवी, सीडीआर, वैज्ञानिक साक्ष्य और व्हाट्सएप चैट से साजिश के सुराग मिले हैं। इन सब में सुब्रत की भूमिका स्पष्ट हो रही है, जबकि शालू के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है।”
अब पुलिस सुब्रत को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि 6 लाख की सुपारी की रकम का क्या हुआ और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है।