Pakistan Suicide Attack: खैबर पख्तूनख्वा पुलिस लाइन मस्जिद में कार बम धमाका, SP-DySP समेत 31 की मौत - Democracysamachar.com
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खैबर पख्तूनख्वा पुलिस लाइन मस्जिद में कार बम धमाका, SP-DySP समेत 31 की मौत

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस कंपाउंड की मस्जिद में जुमे के दिन हुए आत्मघाती कार बम हमले में मौत का आंकड़ा ब...
  •   पाकिस्तान एक बार फिर बड़े आतंकी हमले से दहल उठा है। देश के अशांत माने जाने वाले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार...
  • इस भीषण हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में पुल...

Pakistan Suicide Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस कंपाउंड की मस्जिद में जुमे के दिन हुए आत्मघाती कार बम हमले में मौत का आंकड़ा बढ़कर 31 पहुंच गया है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी शामिल हैं और कई की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Pakistan Suicide Attack:  पाकिस्तान एक बार फिर बड़े आतंकी हमले से दहल उठा है। देश के अशांत माने जाने वाले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक पुलिस कंपाउंड को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया गया।

इस भीषण हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में पुलिस के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। हमले के बाद पूरे प्रांत में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

यह हमला कितना सुनियोजित और खतरनाक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने उस वक्त को चुना जब पुलिस कंपाउंड के अंदर बनी मस्जिद में बड़ी संख्या में अधिकारी, जवान और उनके परिवार नमाज अदा कर रहे थे।

कैसे दिया गया हमले को अंजाम ?

प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे जब पुलिस लाइन कंपाउंड के अंदर बनी मस्जिद में जुमे की नमाज चल रही थी, तभी एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी तेज रफ्तार कार लेकर मुख्य गेट तोड़ते हुए अंदर घुस गया।

सुरक्षा में तैनात जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसके साथ आए 3 से 5 हथियारबंद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच कार सवार आत्मघाती हमलावर ने कार को सीधे मस्जिद के मुख्य प्रवेश द्वार की दीवार से टकरा दिया। टक्कर होते ही इतना जोरदार धमाका हुआ कि पूरा इलाका दहल गया। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ढह गया और नमाज पढ़ रहे लोग मलबे में दब गए। देखते ही देखते पूरा कंपाउंड धुएं, धूल और चीख-पुकार से भर गया। हमले के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

SP और DySP समेत 31 की मौत, कई की हालत नाजुक

इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। समाचार एजेंसी AFP के हवाले से खबर है कि अब तक 31 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मारे गए लोगों में एक SP रैंक के अधिकारी, एक डिप्टी SP और काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के तीन इंस्पेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा कई जवान और उनके परिवार के सदस्य भी इस हमले में मारे गए हैं।

धमाके के बाद करीब 80 घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अस्पतालों में खून की कमी को देखते हुए लोगों से रक्तदान की अपील की गई है।

किसने ली हमले की जिम्मेदारी ?

हमले के बाद पूरे इलाके को पाकिस्तानी सेना और पुलिस ने घेर लिया है और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आत्मघाती हमलावर के अलावा 3 से 5 आतंकी भी कंपाउंड में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिनके साथ मुठभेड़ हुई। कुछ आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

शुरुआत में किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी, लेकिन देर रात ‘इंकलाबी इस्लामी पाकिस्तान’ (IMP) नाम के संगठन ने टेलीग्राम चैनल के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ले ली। IMP ने कहा कि उसकी ‘अल-बद्र’ आत्मघाती यूनिट ने CTD परिसर में ‘इश्तशादी ऑपरेशन’ को अंजाम दिया है।

बता दें कि IMP एक नया आतंकी गठबंधन है, जिसमें इस क्षेत्र में सक्रिय तीन आतंकी गुट शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इसका संबंध अल-कायदा से भी बताया जाता है। पाकिस्तान में हाल के महीनों में आतंकी हमलों में तेजी आई है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत में।

पाकिस्तान में क्यों बढ़ रहे हैं मस्जिदों पर हमले ?

पाकिस्तान में पुलिस लाइन और मस्जिदों पर हमला कोई नई बात नहीं है। पिछले साल भी पेशावर की पुलिस लाइन मस्जिद में इसी तरह का आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। आतंकी संगठन अक्सर जुमे के दिन भीड़भाड़ वाली मस्जिदों को निशाना बनाते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट लगातार आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा है, इसी का बदला लेने के लिए आतंकी CTD के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

फिलहाल पाकिस्तान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

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