फतेहपुर में तेज़ धमाके से दो मंजिला मकान जमींदोज, 5 की मौत, कई घायल -ब्लास्ट पर उठे सवाल,सिलेंडर या पटाखा बारूद ?

- उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के मालवां थाना क्षेत्र कस्बे में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। कानपुर...
- 30 बजे के बीच हुआ। मलवां कस्बा निवासी सुरेश कुमार गुप्ता उर्फ धुन्नर गुप्ता का परिवार अपने दो मंजिला मकान में रहता है...
- घर में उनकी 50 वर्षीय पत्नी उमा देवी, छोटे भाई की पत्नी 40 वर्षीय पूजा देवी और 18 वर्षीय बेटी लक्ष्मी रसोई में खाना ब...
UP Blast News:
घटनास्थल के वीडियो
UP Blast News: उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के मालवां थाना क्षेत्र कस्बे में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर बसे कस्बे में एक फल कारोबारी के घर में हुए भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल उठा। धमाका इतना भीषण था कि दो मंजिला मकान पूरी तरह से भरभराकर ढह गया और मलबे में दबने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।इस हादसे के बाद पूरे कस्बे में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।
शाम 5:30 बजे कैसे हुआ हादसा ?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह हादसा सोमवार शाम करीब 5:15 से 5:30 बजे के बीच हुआ। मलवां कस्बा निवासी सुरेश कुमार गुप्ता उर्फ धुन्नर गुप्ता का परिवार अपने दो मंजिला मकान में रहता है। सुरेश फल के कारोबारी हैं और त्योहारों पर पटाखे की दुकान भी लगाते हैं। घटना के समय सुरेश अपनी हाईवे स्थित दुकान पर थे, जो घर से करीब 300 मीटर दूर है।
घर में उनकी 50 वर्षीय पत्नी उमा देवी, छोटे भाई की पत्नी 40 वर्षीय पूजा देवी और 18 वर्षीय बेटी लक्ष्मी रसोई में खाना बना रही थीं। रसोई में दो भरे और दो खाली गैस सिलेंडर रखे हुए थे। वहीं दूसरी मंजिल के एक कमरे में परिवार के पांच बच्चे मौजूद थे।वहीं सुरेश का 18 साल का बेटा कुनाल व उनके दिवंगत भाई रोहित के दो बेटे 15 वर्षीय अर्पित और 8 वर्षीय वेद, दूसरे भाई पन्नालाल का 25 वर्षीय बेटा आलोक और एक अन्य भाई गुड्डन का 7 साल का बेटा यश उर्फ टुकटुक शामिल था। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे कमरे में टीवी देख रहे थे।
पाइप में लगी आग और फिर तेज धमाका
परिवार की महिला उमा देवी ने पुलिस को बताया कि खाना बनाते समय अचानक सिलेंडर से चूल्हे तक जाने वाले पाइप में आग लग गई। आग तेजी से सिलेंडर की तरफ बढ़ने लगी। यह देखकर वह देवरानी और बेटी के साथ शोर मचाते हुए घर से बाहर भागीं। उन्होंने ऊपर कमरे में मौजूद बच्चों को भी बाहर भागने के लिए आवाज लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कुछ ही सेकेंड में एक के बाद एक भीषण धमाके हुए और पूरा मकान थर्रा उठा। धमाके के साथ ही दूसरी मंजिल की छत और दीवारें ढह गईं और पांचों बच्चे मलबे के नीचे दब गए। धमाके की आवाज 500 मीटर तक सुनी गई। लोगों के कान सुन्न पड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ऐसा लगा जैसे कोई बम फटा हो या हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया हो। करीब 10 मिनट तक पूरे इलाके में धूल और धुएं का बादल सा छाया रहा।
घटनास्थल के आसपास जमा हुए क्षेत्रीय लोग
संकरी गली बनी रेस्क्यू में बाधा, जेसीबी से हटाया मलबा
घटना की सूचना शाम 5:30 बजे पीआरवी के जरिए पुलिस को मिली। मलवां थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन कस्बे की गली बेहद संकरी होने के कारण फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से ही रेस्क्यू शुरू किया और जेसीबी मंगवाई गई।
पुलिस और फायर ब्रिगेड के करीब 16 जवानों और सैकड़ों ग्रामीणों ने मिलकर मलबा हटाना शुरू किया। अंधेरा होने के कारण बिजली विभाग से रोशनी की व्यवस्था कराई गई। रात में भी रेस्क्यू अभियान चलता रहा। इस दौरान मलबे से 7 लोगों को बाहर निकाला गया और तुरंत मेडिकल कॉलेज फतेहपुर भेजा गया।
5 लोगों की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने 7 साल के यश उर्फ टुकटुक, 8 साल के वेद, 15 साल के अर्पित और 18 साल के कुनाल को मृत घोषित कर दिया। वहीं 90 प्रतिशत तक झुलसा 25 वर्षीय आलोक देर रात तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा, लेकिन उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस हादसे में कुल 5 लोगों की मौत हो गई। पूजा देवी का अभी भी इलाज चल रहा है।
हादसे की खबर सुनकर घर पहुंचे गृहस्वामी सुरेश गुप्ता सदमे से बेसुध हो गए। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। एक ही परिवार के चार चचेरे भाइयों की मौत से पूरे कस्बे में मातम पसरा हुआ है।
पड़ोस के मकान भी हुए क्षतिग्रस्त
विस्फोट का असर इतना ज्यादा था कि आसपास के तीन से चार मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। पड़ोसी अशोक सिंह के मकान की दीवार ढह गई और टिनशेड उखड़कर दूर जा गिरा। वहीं दीपक द्विवेदी सहित दो अन्य लोगों के घरों की बीम और दीवारों में दरारें आ गईं। गनीमत रही कि उन घरों में कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक के द्वारा दी गई बाइट
सिलेंडर फटा या बारूद ? दो थ्योरी पर जांच
इस हादसे के पीछे की असली वजह को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। पुलिस को मौके से चार सिलेंडर मिले हैं, जिनमें से दो फटे हुए बताए जा रहे हैं। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सिलेंडर फटने की बात सामने आई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसवीर सिंह ने भी प्राथमिक जांच में सिलेंडर विस्फोट की बात कही है और पटाखा बारूद से विस्फोट की पुष्टि से इनकार किया है।
लेकिन ग्रामीणों और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों को यह बात हजम नहीं हो रही है। उनका कहना है कि अगर रसोई में सिलेंडर फटा तो ग्राउंड फ्लोर को नुकसान क्यों नहीं हुआ और सिर्फ पहली मंजिल यानी ऊपरी मंजिल ही कैसे जमींदोज हो गई? उनका तर्क है कि सुरेश गुप्ता दीपावली पर पटाखे की दुकान लगाते हैं और हो सकता है कि घर की ऊपरी मंजिल में पटाखे या बारूद का भंडार रखा हो, जिसमें सिलेंडर की आग लगने से भीषण विस्फोट हुआ हो।
पुलिस ने दोनों ही एंगल को ध्यान में रखते हुए फॉरेंसिक टीम और फायर विभाग की टीम को जांच के लिए बुलाया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं। एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है ताकि मलबे में और कोई दबा हो तो उसे निकाला जा सके। पुलिस ने मकान को सील कर दिया है और लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी है।
भाजपा मंत्री अजीत पाल के द्वारा दी गई बाइट
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक घटना का संज्ञान लिया है और गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर अभी भी निगरानी रखी जा रही है। घायलों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आबादी वाले क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण न करें और गैस सिलेंडर का उपयोग सावधानी से करें।