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कानपुर : निजी अस्पताल में 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद हंगामा,परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया,पुलिस ने कराया शांत

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • कानपुर : रावतपुर थाना क्षेत्र के शारदा नगर स्थित पूर्व में विवादों में रहा अनुराग हॉस्पिटल में मंगलवार शाम 28 वर्षीय ...
  • आपको बतादें पूर्व में एक महिला एमबीबीएस डॉक्टर के ऑपरेशन के दौरान इसी अस्पताल में वहां के सर्जन द्वारा बेहोशी के डॉक्...
  • मृतक की पहचान गुरसहायगंज, कन्नौज निवासी शिवम (28) के रूप में हुई है। शिवम दो भाइयों में बड़ा था। पिता रामराज गुरसहायग...

Uttar Pradesh (Kanpur) : मरीज की मौत के बाद एक बार फिर पूर्व में विवादित रहे अस्पताल पर एक बारफर फिर इलाज में लापरवाही बरतने पर मरीज की मौत का लगा आरोप। वहीं 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया।

कानपुर : रावतपुर थाना क्षेत्र के शारदा नगर स्थित पूर्व में विवादों में रहा अनुराग हॉस्पिटल में मंगलवार शाम 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। सूचना पर रावतपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

आपको बतादें पूर्व में एक महिला एमबीबीएस डॉक्टर के ऑपरेशन के दौरान इसी अस्पताल में वहां के सर्जन द्वारा बेहोशी के डॉक्टर से एनेस्थीसिया ना दिलवाकर खुही ही एनेस्थीसिया (स्पाइनल एनेस्थीसिया) दिया गया था। इसके बाद उस डॉक्टर की तड़प तड़प कर कुछ ही देर में मौत हो गई थी। उस वक्त यह अस्पताल काफी विवादों में भी रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कठोर कार्यवाही करते हुए काफी समय के लिए पूरे अस्पताल को शील कर दिया गया था।

क्या है पूरा मामला ?

मृतक की पहचान गुरसहायगंज, कन्नौज निवासी शिवम (28) के रूप में हुई है। शिवम दो भाइयों में बड़ा था। पिता रामराज गुरसहायगंज के ग्राम जाकट से प्रधान हैं। छोटा भाई अमरनाथ कानपुर में एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है, जबकि तीन बहनों रोशनी, सोनम और निशा की शादी हो चुकी है।

पिता रामराज ने बताया कि बीते गुरुवार को शिवम को तेज बुखार आया था। स्थानीय डॉक्टर को दिखाने और टेस्ट कराने के बाद डॉक्टरों ने उसे कानपुर के शारदा नगर स्थित अनुराग हॉस्पिटल रेफर कर दिया। शुक्रवार को शिवम को अस्पताल में भर्ती कर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।

परिजनों का आरोप है कि मंगलवार सुबह से उन्हें न तो शिवम से मिलने दिया गया और न ही उसकी तबीयत को लेकर कोई सही जानकारी दी गई। शाम करीब 8 बजे चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. अवधेश शिवम को देखने आए और बिना कुछ बताए चले गए। जब परिजनों ने आईसीयू स्टाफ से पूछा तो बताया गया कि शिवम की मौत हो चुकी है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने गंभीर स्थिति की कोई पूर्व जानकारी नहीं दी और अब तक इलाज के नाम पर लाखों रुपये ले लिए गए हैं।

मौत की खबर सुनते ही मां भुवनेश्वरी, बहनों और भाई का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। राखी की यादें ताजा कर बहनें बिलख पड़ीं।

अस्पताल प्रशासन का पक्ष

अस्पताल प्रबंधक जितेंद्र सिंह ने बताया कि शिवम शुक्रवार को बेहद गंभीर हालत में भर्ती हुआ था। उसके चेस्ट में गंभीर इंफेक्शन (COPD) था। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी और हैलट ले जाने की सलाह भी दी गई थी। आज शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ओवर बिलिंग के आरोप गलत हैं।

पुलिस ने क्या कहा ?

रावतपुर पुलिस का कहना है कि अस्पताल में हंगामे की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची थी। परिजनों को शांत कराया गया है और ढांढस बंधाया गया है। परिजन अगर लिखित तहरीर देते हैं तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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