UP में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 100 साल का रिकॉर्ड, 21वीं सदी की दूसरी सबसे ज्यादा बरसात,प्रयागराज-बांदा में 125 साल का रिकॉर्ड टूटा
- Uttar Pradesh (Lucknow) : प्रदेश में इस बार अगस्त के महीने में हुई बारिश ने बीते 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भले...
- अमौसी स्थित मौसम विभाग के यूपी-उत्तराखंड मुख्यालय के अनुसार, अगस्त महीने में प्रदेश में औसत 235.5 मिमी बारिश होती है,...
- यह आंकड़ा 21वीं सदी में साल 2018 (293.1 मिमी) के बाद अगस्त में हुई दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है।
Uttar Pradesh (Lucknow) : प्रदेश में इस बार अगस्त के महीने में हुई बारिश ने बीते 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भले ही पूरे मानसून सीजन की बारिश अभी भी औसत से 5% कम है, लेकिन अकेले अगस्त ने कई जिलों में तबाही और रिकॉर्ड दोनों बनाए हैं।

अमौसी स्थित मौसम विभाग के यूपी-उत्तराखंड मुख्यालय के अनुसार, अगस्त महीने में प्रदेश में औसत 235.5 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 24% ज्यादा यानी 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
यह आंकड़ा 21वीं सदी में साल 2018 (293.1 मिमी) के बाद अगस्त में हुई दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है।
प्रयागराज और बांदा में 125 साल का रिकॉर्ड टूटा
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार प्रयागराज में 631.6 मिमी और बांदा में 646 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 1901 में रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद से यानी 125 साल के इतिहास में इन दोनों जिलों में अगस्त में इतनी बारिश कभी नहीं हुई।
पूरे मानसून की स्थिति क्या है ?
1 जून से 1 सितंबर तक पूरे प्रदेश में कुल 571.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य 600.2 मिमी से 5% कम है।
– पश्चिमी यूपी : सामान्य से 3% अधिक बारिश
– पूर्वी यूपी: सामान्य से 10% कम बारिश
कहां कितनी बारिश हुई – 5 कैटेगरी में समझें
1. अत्यधिक बारिश (60% या अधिक) : चित्रकूट, महोबा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, संभल
2. सामान्य से अधिक (20% से 59%) : बांदा, कन्नौज, कानपुर नगर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, बिजनौर, एटा, फिरोजाबाद, हमीरपुर
3. सामान्य बारिश (19% से -19%) : लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, गोरखपुर
4. सामान्य से कम (-20% से -59%) : अमेठी, बस्ती, गाजीपुर, जौनपुर, मथुरा, सहारनपुर, सीतापुर सहित 20 जिले
5. अत्यधिक कम बारिश (-60% से -99%) : भदोही, देवरिया, कानपुर देहात, कुशीनगर, गाजियाबाद, शामली
सितंबर में कैसा रहेगा मौसम ?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रशांत महासागर में अल-नीनो के प्रभाव के कारण सितंबर में पश्चिमी यूपी में सामान्य से कम बारिश के आसार हैं, जबकि हिंद महासागरीय द्विध्रुव (IOD) के पॉजिटिव रहने से दक्षिण-पूर्वी यूपी में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।