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कानपुर : निजी अस्पताल और दलाल का गंदा गठजोड़, नवजात से छिना मां का आंचल

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • उत्तर प्रदेश : कानपुर के थाना कल्याणपुर क्षेत्र अंतर्गत डिवाइन मेडिकल सेंटर में सिजेरियन आपरेशन के बाद प्रसूता की हाल...
  • औरैया के अजीतमल थानाक्षेत्र के प्रेमनगर (राउपुर) निवासी विपिन कुमार 23 वर्षीय पत्नी गुड़िया,मां राम बेटी,पिता कल्याण स...
  • परिवारिजनों ने का आरोप है कि अस्पताल में पहले 60 हजार रुपए में सिजेरियन ऑपरेशन का पैकेज बताया गया फिर खून जांच के बाद...

कानपुर : निजी अस्पताल और दलाल का गंदा गठजोड़, नवजात से छिना मां का आंचल

उत्तर प्रदेश : कानपुर के थाना कल्याणपुर क्षेत्र अंतर्गत डिवाइन मेडिकल सेंटर में सिजेरियन आपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई।अस्पताल प्रबंधन ने आनन फानन में प्रसूता को एंबुलेस में डाला और हालत नाजुक बताते हुए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।जहां पहुंचने पर डाक्टरों ने प्रसूता को मृत घोषित कर दिया।जिसके बाद शव लेकर दोबारा परिवारिजनों डिवाइन मेडिकल सेंटर पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस मृतका के परिवारिजनों को समझाने के बाद देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिये मोर्चारी एम्बुलेंस के द्वारा भेज दिया।

 

निजी अस्पताल और दलाल का गंदा गठजोड़।

औरैया के अजीतमल थानाक्षेत्र के प्रेमनगर (राउपुर) निवासी विपिन कुमार 23 वर्षीय पत्नी गुड़िया,मां राम बेटी,पिता कल्याण सिंह और भाई सुधांशु के साथ रह कर कास्तकारी का कार्य करते हैं।मृतका के पति विपिन ने बताया कि उसकी पत्नी गुड़िया गर्भवती थी इसलिए उन्होंने कुछ दिन पहले उसे अपनी ससुराल कानपुर देहात के रसूलाबाद स्थित लालगांव में अच्छे ईलाज के लिये छोड़ दिया था।सोमवार भोर पहर में उसे प्रसव पीड़ा होने पर वह ससुराल पहुंचे और रसूलाबाद के एक निजी अस्पताल में सुरक्षित प्रसाद के लिये भर्ती कराया। जहां से अच्छे और सस्ते इलाज का दावा करते हुए इलाकाई संतोष ( जो कि निजी अस्पतालों में मरीजों की दलाली का कार्य करता है) ने उनको काफ़ी भ्रमित कर वहां से बिना डॉक्टर की मर्जी के (LAMA)  निकाल लिया और कल्याणपुर के डिवाइन मेडिकल सेंटर में भर्ती करा दिया।

 अस्पताल में वसूले दोगुने से ज्यादा पैसे।

परिवारिजनों ने का आरोप है कि अस्पताल में पहले 60 हजार रुपए में सिजेरियन ऑपरेशन का पैकेज बताया गया फिर खून जांच के बाद हैपेटाइटिस-बी के इन्फेक्शन का हवाला देकर 1.50 लाख रुपये जमा करा लिये गये। सोमवार शाम छह बजे सिजेरियन आपरेशन (LSCS) के जरिए बेटी पैदा हुई।लेकिन ईलाज के दौरान दोपहर के बाद गुड़िया की हालत बिगड़ने लगी ।

अस्पताल में डॉक्टर लापता, अपशिष्ट स्टाफ के भरोसे मरीजों का इलाज

गुड़िया के पति ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान अस्पताल में कोई भी प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद नहीं था। वहीं नाम न बताने की शर्त को लेकर एक स्टाफ ने बताया कि अस्पताल में कोई भी कायदे का प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं है। वही इलाज के दौरान प्रसूता गुड़िया की धीरे-धीरे हालत बिगड़ती चली गई।

 

मरीज की हालत से गंभीर,दूसरे अस्पताल किया रेफर

इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने मरीज गुड़िया की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। मंगलवार देर शाम अस्पताल प्रबंधन ने बहुत हालत खराब होने और आइसीयू में रखने की बात करते हुए प्रसूता को एक दूसरे निजी आशिर्या हास्पिटल के लिए रेफर कर दिया । जहां पहुंचते ही डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया । जिसके बाद स्वजन गुड़िया के शव लेकर दुबारा डिवाइन मेडिकल सेंटर पहुंचे और ईलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया ।

अस्पताल भगवान भरोसे छोड़ प्रबंधन हुआ फरार

प्रसूता गुड़िया की मौत के बाद स्वजन और अस्पताल प्रबंधन के बीच झड़प भी हुई। हंगामा बढ़ता देख मौका पाकर अस्पताल प्रबंधक अस्पताल में मरीजों को भगवान के भरोसे छोड़कर मौके से भाग निकला। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्वजन को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया । एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल में लगे पंजीकरण बोर्ड के अनुसार पंजीकरण समाप्त

अस्पताल में लगे पंजीकरण बोर्ड के हिसाब में डिवाइन मेडिकल सेंटर का पंजीकरण समाप्त हो चुका है । वहीं बोर्ड में तीन चिकित्सकों डा. अभिषेक सिंह सेंगर, डा.चंद्र शेखर और डा. अविनाश राठौर का नाम पूर्णकालिक ड्यूटी डाक्टर के तौर पर दर्ज है। जबकि एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान एक भी चिकित्सक मौके पर दिखाई नहीं पड़ा ।

 स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

डिवाइन मेडिकल सेंटर में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले को संज्ञान में लेते हुए बुधवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल पहुंचकर जांच पड़ताल की।वहीं सीएमओ टीम के पहुंचने से पहले ही हॉस्पिटल संचालक मौके से फरार हो गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को अस्पताल में कई मानको पर खरा उतरता नहीं दिखाई पड़ा । इसके बाद अधिकारियों ने हॉस्पिटल का शल्य क्रिया कक्ष  (ओ.टी – ऑपरेशन थिएटर ) को सील कर दिया।

 टीम ने नोटिस के द्वारा मांगा 24 घंटे में जवाब

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा भेजी गई टीम की अगवाई कर रहे अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अमित रस्तोगी ने हॉस्पिटल स्टाफ को नोटिस थमाकर 24 घंटे के अंदर कई बिंदुओं पर अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के साथ आगे नियम अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी ।

नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर पंजीकरण होगा रद्द

उप मुख्य चिकित्साधिकारी (ACMO)  डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि देर रात महिला की मौत की घटना की जानकारी प्राप्त हुई थी। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए हॉस्पिटल पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान हॉस्पिटल संचालक मौके पर नहीं मिले। हॉस्पिटल में कुछ मानक भी अधूरे पाए गए हैं। जिस कारण ऑपरेशन थियेटर  (O.T) को सील कर दिया गया है और स्टाफ को नोटिस दे दिया गया है।24 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के साथ आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब जांच में यह भी अहम होगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इलाज के दौरान कौन-कौन से प्रोटोकॉल अपनाए गए और हॉस्पिटल में मौजूद चिकित्सकीय व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप थीं या नहीं।

 

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