देशी शराब पीने से युवक की मौत, ठेके पर शव रखकर हंगामा
- औद्योगिक नगरी कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया है । भौंसिंह...
- कौन था मृतक ? क्या है पूरा मामला ?
- मृतक की पहचान 42 वर्षीय जगदीश कुमार के रूप में हुई है, जो पनकी के भौंसिंह गांव का रहने वाला था। वह दादानगर स्थित एक प...
Kanpur Panki News:
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Kanpur Panki News: औद्योगिक नगरी कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया है । भौंसिंह गांव में 42 वर्षीय युवक की मौत को परिजनों ने देशी शराब ठेके से खरीदी गई शराब के सेवन से मौत को जोड़ कर आरोप लगा रहें हैं । गुस्साए परिजन और ग्रामीण युवक का शव लेकर सीधे देशी शराब के ठेके पर पहुंच गए और वहीं शव रखकर सड़क जाम कर दी। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कौन था मृतक ? क्या है पूरा मामला ?
मृतक की पहचान 42 वर्षीय जगदीश कुमार के रूप में हुई है, जो पनकी के भौंसिंह गांव का रहने वाला था। वह दादानगर स्थित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उसके परिवार में पत्नी सुनीता और दो छोटे बच्चे हैं।
जगदीश के छोटे भाई राजेश ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 9 बजे जगदीश घर से निकला था और पनकी सर्विस रोड स्थित सरकारी देशी शराब के ठेके से शराब खरीद कर लाया था। शराब पीने के बाद वह घर में आकर सो गया।
दोपहर करीब 2 बजे जब परिजनों ने उसे जगाने की कोशिश की, तो वह अचेत अवस्था में पड़ा मिला। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
राजेश का आरोप है कि उसके भाई की मौत ठेके की मिलावटी और जहरीली शराब पीने से हुई है। उसने कहा कि पहले भी इस ठेके की शराब को लेकर कई शिकायतें आ चुकी हैं।
ठेके के सामने शव रखकर प्रदर्शन, सर्विस रोड पर लगा लंबा जाम
युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने शव को सीधे उसी देशी शराब के ठेके पर ले जाकर रख दिया। उन्होंने ठेके के सामने सर्विस रोड को जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। परिजनों की मांग थी कि ठेके को तुरंत सील किया जाए और ठेका संचालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
जाम की सूचना मिलते ही पनकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कार्रवाई पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक सर्विस रोड पर जाम लगा रहा, जिससे आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस और आबकारी विभाग का क्या कहना है ?
इस पूरे मामले पर एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया गया है। मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
वहीं, आबकारी विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर ठेके से शराब के सैंपल लिए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि शराब में मिलावट पाई जाती है, तो ठेका संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
कानपुर में देशी शराब का पुराना कनेक्शन
यह कोई पहला मामला नहीं है जब कानपुर में देशी शराब से मौत की खबर आई हो। इससे पहले भी कई बार जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो चुकी है। सवाल यह उठता है कि आखिर आबकारी विभाग ठेकों पर बिक रही शराब की गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं करता? ग्रामीणों का आरोप है कि कई ठेकों पर ओवररेटिंग और मिलावटी शराब बेची जाती है, लेकिन मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जगदीश की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है।