हाईकोर्ट के आदेश पर 72 अवैध अधिवक्ता चैंबरो पर ग़रजा बुलडोजर , वकीलों ने किया हंगामा
- लखनऊ सिविल और जिला कोर्ट परिसर (कैसरबाग) के बाहर वकीलों के अवैध चैंबरों पर नगर निगम का ग़रजा बुलडोजर. यह पूरी कार्यवाह...
- वकीलों के चैंबर्स पर चला बुलडोजर
- राजधानी लखनऊ के कैसरबाग इलाके में रविवार को एक बार फिर नगर निगम का बुलडोजर गरजता नजर आया। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों ...
Lucknow Kaiserbagh Bulldozer Action: लखनऊ सिविल और जिला कोर्ट परिसर (कैसरबाग) के बाहर वकीलों के अवैध चैंबरों पर नगर निगम का ग़रजा बुलडोजर. यह पूरी कार्यवाही इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश और निर्देश के तहत सरकारी जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण व चैंबरों को हटाया गया है। वहीं नगर निगम ने कार्रवाई के तहत 200 से अधिक (करीब 211 से 245) अवैध चैंबरों को चिह्नित किया था। इससे पहले मई से अगस्त के बीच भी कुछ चैंबर तोड़े गए थे।
वकीलों के चैंबर्स पर चला बुलडोजर
Lucknow News : राजधानी लखनऊ के कैसरबाग इलाके में रविवार को एक बार फिर नगर निगम का बुलडोजर गरजता नजर आया। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद नगर निगम की टीम ने रेजीडेंसी क्षेत्र के पास और जिला न्यायालय परिसर के आसपास बने अधिवक्ताओं के अवैध चैंबरों और अतिक्रमणों को ध्वस्त करने की बड़ी कार्रवाई शुरू की।

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कार्रवाई के दौरान जैसे ही बुलडोजर अवैध निर्माणों को गिराने लगा, वहां मौजूद कुछ अधिवक्ता विरोध में सड़क पर बैठ गए और हंगामा करने लगे। तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है।
बुलडोजर कार्यवाही के समय मौजूद भारी पुलिसबल
हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई
यह पूरा अभियान इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर चलाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने लखनऊ में सड़कों, फुटपाथों, नालों और सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर सख्त नाराजगी जताई थी।

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कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया था कि कैसरबाग, रेजीडेंसी और जिला कचहरी के आसपास बने सभी अवैध चैंबरों, गुमटियों और दुकानों को चिह्नित कर हटाया जाए और इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए।
अधिवक्ताओं के चेंबर पर बुलडोजर कार्यवाही का वीडियो
इसी आदेश के अनुपालन में नगर निगम ने रविवार को सुबह-सुबह यह अभियान शुरू किया। नगर निगम के जोनल अधिकारी और अतिक्रमण दस्ते के साथ नगर आयुक्त के निर्देश पर टीमें बुलडोजर, जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचीं।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस क्षेत्र में लगभग 72 अवैध अतिक्रमणों को चिह्नित किया गया था, जो सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करके बनाए गए थे। इन चैंबरों के कारण आम लोगों को चलने में दिक्कत होती थी, ट्रैफिक जाम लगता था और बरसात में नाला चोक होने से जलभराव की समस्या भी पैदा होती थी।
बुलडोजर कार्यवाही पर अधिवक्ताओं का हंगामा
विरोध और हंगामा
कार्रवाई शुरू होते ही वहां मौजूद अधिवक्ताओं के एक समूह ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ अधिवक्ता बुलडोजर के सामने आ गए और कुछ सड़क पर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं दिया गया और अचानक कार्रवाई की जा रही है। इससे उनके जरूरी दस्तावेज और क्लाइंट की फाइलें चैंबरों में ही रह गईं।
अधिवक्ताओं ने सरकार के विरोध में लगाए नारे
हालांकि नगर निगम का कहना है कि सभी चिह्नित अतिक्रमणकारियों को पहले ही कई बार नोटिस दिया जा चुका है। मई और अगस्त में भी कार्रवाई के दौरान चेतावनी दी गई थी।
बुलडोजर कार्यवाही पर अधिवक्ता के द्वारा दी गई बाइट
विरोध को देखते हुए कैसरबाग थाने की पुलिस और पीएसी के जवानों को मौके पर बुला लिया गया। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हो रही है और इसमें बाधा डालना कोर्ट की अवमानना होगी।

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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब कैसरबाग में अधिवक्ताओं के अवैध चैंबरों पर कार्रवाई हुई है। इससे पहले 17 मई को भी नगर निगम ने हाईकोर्ट के निर्देश पर बड़ा अभियान चलाया था। उस दिन 72 चिह्नित अतिक्रमणों में से सिर्फ 14 को ही हटाया जा सका था, क्योंकि अधिवक्ताओं के भारी विरोध और हंगामे के कारण नगर निगम को अभियान बीच में ही रोकना पड़ा था।
उसके बाद 30 अगस्त को नगर निगम की टीम ने दोबारा पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई की थी। उस दौरान बड़ी संख्या में अवैध चैंबरों और दुकानों को ध्वस्त किया गया था और नगर निगम ने उसकी पूरी रिपोर्ट फोटो और वीडियो के साथ हाईकोर्ट में प्रस्तुत की थी।
हाईकोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद नाराजगी जताई थी कि अभी भी कई जगहों पर अतिक्रमण मौजूद है और नगर निगम इसे पूरी तरह से साफ क्यों नहीं कर रहा है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा था कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी वर्ग का हो।
इसी के बाद आज रविवार को नगर निगम ने फिर से यह अभियान शुरू किया है। रविवार का दिन इसलिए चुना गया ताकि कोर्ट परिसर में भीड़ कम हो और कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जा सके।

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क्या कहते हैं अधिकारी ?
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिला न्यायालय, कैसरबाग बस स्टैंड, रेजीडेंसी और आसपास के इलाकों में सड़क पर बने सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण शहर की सुंदरता खराब हो रही है और आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में फुटपाथ और सड़क को खाली कराया जाए।
वहीं बार एसोसिएशन के कुछ अधिवक्ताओं का कहना है कि वकीलों के पास बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कचहरी में चैंबरों की कमी है, इसलिए मजबूरी में उन्हें बाहर बैठना पड़ता है। सरकार को पहले वकीलों के लिए वैकल्पिक जगह की व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल मौके पर कार्रवाई जारी है। नगर निगम की टीम चिह्नित चैंबरों को एक-एक करके ध्वस्त कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।