आजमगढ़ में पूजा पर खूनी खेल,पत्नी, बेटे और 2 पुजारियों को उतारा मौत के घाट, 3 बच्चों को बंधक बनाया तो ATS ने किया एनकाउंटर
- आजमगढ़ में पूजा-पाठ को लेकर हुए विवाद में एक पति ने अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या कर दी और तीन बच्चों को ब...
- ट्रिपल मर्डर के दौरान फायरिंग के वीडिओ
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पूजा-पाठ के विवाद में एक सनकी पति ने अप...
Azamgarh Triple Murder:आजमगढ़ में पूजा-पाठ को लेकर हुए विवाद में एक पति ने अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या कर दी और तीन बच्चों को बंधक बना लिया। मासूमों को बचाने के लिए पुलिस और ATS की टीम ने घंटों तक आरोपी को समझाने की कोशिश की, लेकिन अंत में मुठभेड़ में उसे मार गिराया गया।
ट्रिपल मर्डर के दौरान फायरिंग के वीडिओ
Azamgarh Triple Murder news : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पूजा-पाठ के विवाद में एक सनकी पति ने अपनी पत्नी, मासूम बेटे और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी अपने तीन छोटे बच्चों को बंधक बनाकर घर के कमरे में बंद हो गया। करीब 6 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और ATS ने मुठभेड़ में आरोपी को मार गिराया। बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
यह सनसनीखेज वारदात अहरौला थाना क्षेत्र के गहजी गांव की है। घटना के बाद पूरे शंभूपुर इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पूजा को लेकर चल रहा था विवाद, मां-पत्नी कराना चाहती थीं पाठ
गांव वालों के मुताबिक गहजी निवासी अरविंद सिंह के घर में पिछले कई दिनों से पूजा को लेकर विवाद चल रहा था। अरविंद की मां शमला देवी और पत्नी बबीता घर में सुख-शांति के लिए पांच दिवसीय पूजा कराना चाहती थीं, लेकिन अरविंद इसका विरोध कर रहा था। वह पूजा-पाठ को ढोंग बताता था।
इसी विवाद के चलते अरविंद कुछ दिन पहले घर से बाहर चला गया था। उसके जाते ही पत्नी बबीता और मां ने घर में पूजा शुरू करवा दी। मंगलवार को पूजा का चौथा दिन था। शाम करीब 6 बजे दो पुजारी 60 वर्षीय महेंद्र पाठक, 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा और उनका 20 वर्षीय बेटा हिमांशु मिश्रा पूजा करा रहे थे। तभी अरविंद अचानक घर लौट आया।
घटना के दौरान के वीडियो
आधार कार्ड मांगने पर बढ़ा विवाद, वीडियो बनाने से भड़का
घर में पूजा होते देख अरविंद आग बबूला हो गया। उसने पुजारियों को गालियां देनी शुरू कर दीं और उन्हें ढोंगी बताते हुए आधार कार्ड दिखाने को कहा। पुजारियों ने इसका विरोध किया तो कहासुनी बढ़ गई।
आरोप है कि इसी दौरान अरविंद ने पत्नी बबीता के साथ मारपीट शुरू कर दी। यह देख पुजारियों ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख अरविंद का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वह अंदर से अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाल लाया।
घटना स्थल के बहार के वीडियो और पुलिस अधिकारी की बाइट
ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 की मौके पर मौत
अरविंद ने सबसे पहले अपनी पत्नी बबीता पर गोली चला दी। फिर बीच-बचाव करने आए दोनों पुजारियों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को बेहद करीब से गोली मार दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
फायरिंग की आवाज सुनकर पूरे गांव में दहशत फैल गई। इस दौरान पुजारी अखिलेश मिश्रा का बेटा हिमांशु शोर मचाते हुए बाहर भाग गया। उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसी अफरा-तफरी में अरविंद की भतीजी वर्षा, रिया और उसकी मां शमला देवी किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल गईं।
तीन मासूमों को बनाया बंधक, 6 घंटे चला ड्रामा
तीन हत्याओं के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों 8 साल के बेटे शौर्य, 9 साल की बेटी परी और 6 महीने की दुधमुंही बच्ची को लेकर एक कमरे में बंद हो गया और बच्चों को ढाल बना लिया।
घटना के सम्बन्ध में डीआईजी सुनील कुमार सिंह द्वारा दी गई बाइट
सूचना पर DIG सुनील कुमार सिंह, SSP डॉ. अनिल कुमार और 6 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे घर को घेर लिया गया। बच्चों की जान खतरे में होने के कारण पुलिस बेहद सावधानी बरत रही थी और लगातार आरोपी से सरेंडर करने की अपील कर रही थी। रात 10 बजे तक वह बाहर नहीं आया तो ATS को बुलाया गया।
पुलिस के मुताबिक रात करीब 12:55 बजे जब टीम ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की तो अरविंद ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में ATS और पुलिस की गोली से वह घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीनों बच्चों को सकुशल बचा लिया।
इस खूनी वारदात में कुल चार लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।