Jamui Viral Video Case: जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से अभद्रता, POCSO में FIR, 3 आरोपी गिरफ्तार - Democracysamachar.com
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जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से अभद्रता, POCSO में FIR, 3 आरोपी गिरफ्तार

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • बिहार के जमुई से शर्मनाक घटना सामने आई है। शनिवार शाम कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़का-लड़की को कुछ युवकों ने रोककर...
  • बिहार के जमुई जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जिसने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। ...
  • मामला 19 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। पीड़ित एक नाबालिग छात्र और छात्रा हैं जो कोचिंग से लौट रहे थे।

Jamui Viral Video Case: बिहार के जमुई से शर्मनाक घटना सामने आई है। शनिवार शाम कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़का-लड़की को कुछ युवकों ने रोककर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी लड़की के साथ अभद्रता करते और उसे जबरन उठाने की कोशिश करते दिख रहे हैं, जबकि दोनों नाबालिग उनसे छोड़ने की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। मामले में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Jamui Viral Video Case: बिहार के जमुई जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जिसने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। सड़क पर जा रहे दो नाबालिग स्कूली बच्चों को कुछ मनचलों ने घेरकर न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह वीडियो सामने आते ही जिले में आक्रोश फैल गया और प्रशासन हरकत में आ गया।

मामला 19 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। पीड़ित एक नाबालिग छात्र और छात्रा हैं जो कोचिंग से लौट रहे थे।

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे दोनों नाबालिग दोस्त कोचिंग खत्म होने के बाद जमुई थाना क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में फोटोशूट कराने गए थे। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद 6 से 7 युवकों ने दोनों को अकेला देखकर घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने दोनों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी शुरू कर दी।

छात्रा के साथ अशोभनीय व्यवहार किया गया। आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल में बना लिया। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, ताकि अपना रौब दिखा सकें। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मासूम बच्चे हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन आरोपी नहीं मान रहे हैं।

यह वीडियो रविवार-सोमवार की सुबह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

प्रशासन ने लिया स्वतः संज्ञान, POCSO में केस दर्ज

चूंकि मामला नाबालिगों से जुड़ा था और लोकलाज के कारण पीड़ित परिवार ने पहले थाने में शिकायत नहीं की थी, इसलिए जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने खुद मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने तुरंत पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया।

जिलाधिकारी के आदेश के बाद जमुई सदर थाना पुलिस, साइबर सेल और गुप्तचर विभाग सक्रिय हो गया। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर पीड़ित छात्र-छात्रा की पहचान की और उनके घर जाकर गोपनीय तरीके से उनका बयान दर्ज किया।

पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने वीडियो में दिख रहे सभी 6 आरोपियों की पहचान कर ली है।

एसपी ने गठित की SIT, 3 आरोपी धराए

मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष एसआईटी (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा, “आज सुबह एक वीडियो संज्ञान में आया था। तुरंत विक्टिम की पहचान कराई गई। यह घटना 19 सितंबर की शाम की है। पीड़ित पक्ष ने आवेदन दे दिया है और प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वीडियो में 6 लोग दिख रहे हैं। सभी की पहचान हो चुकी है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रख रही है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटवाने की कार्रवाई की जा रही है। किसी भी नाबालिग की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है।

पुलिस की अपील – वीडियो शेयर न करें

जमुई पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस वायरल वीडियो को आगे शेयर न करें। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को शेयर करना पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध है। पुलिस साइबर अपराध की धाराओं को भी इस केस में जोड़ने पर विचार कर रही है।

एसपी ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने और नाबालिगों की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

कानून क्या कहता है ?

इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट लगाया है, जो 18 साल से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित है। इसमें जमानत आसानी से नहीं मिलती और कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही बीएनएस की धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है।

फिलहाल जमुई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है। जिले में इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है, खासकर कोचिंग संस्थानों के आसपास।

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