Kanpur Lawyers Conference: कानपुर से उठी अधिवक्ता सम्मान और सुरक्षा की हुंकार: प्रांतीय अधिवक्ता सम्मेलन का भव्य आगाज, 30 जिलों के 110 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
- Kanpur Lawyers Conference: कानपुर में अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई को धार देने के लिए कानपुर बार एसोसिएशन...
- इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रदेश के लगभग 30 जिलों के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महामंत्री और अधिवक्ता प्रतिनिधियों ने हिस...
- कानपुर से शुरू होगी अधिवक्ता अधिकारों की लड़ाई
Kanpur Lawyers Conference: कानपुर में अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई को धार देने के लिए कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय अधिवक्ता सम्मेलन का शुभारंभ आज दिनांक 10 सितंबर 2026 को बड़े ही उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कानपुर में अधिवक्ता सम्मेलन(Kanpur Lawyers Conference)
इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रदेश के लगभग 30 जिलों के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महामंत्री और अधिवक्ता प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कानपुर की धरती पर करीब 110 से अधिक अधिवक्ता प्रतिनिधियों का आगमन हुआ, जिन्होंने अपने ओजस्वी विचारों से अधिवक्ता समाज में नई ऊर्जा का संचार किया।
कानपुर से शुरू होगी अधिवक्ता अधिकारों की लड़ाई
सम्मेलन का मुख्य विषय ‘अधिवक्ता सम्मान एवं सुरक्षा‘ रहा। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आए दिन अधिवक्ताओं के साथ हो रही अभद्रता, उत्पीड़न और सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। गैर जनपदों से आए सभी प्रतिनिधियों ने इस बात पर खुशी जताई कि इस लड़ाई की शुरुआत कानपुर जैसी क्रांतिकारी धरती से हो रही है। इसके लिए सभी ने कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन को बधाई दी और पूर्ण समर्थन का ऐलान किया।
वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाता है, लेकिन जब अधिवक्ता ही असुरक्षित होगा तो न्याय व्यवस्था कैसे मजबूत होगी। इसलिए सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए, अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और युवा अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड जैसी मांगों को भी जोर-शोर से उठाया गया।
30 जिलों से पहुंचे प्रतिनिधि, ये जिले रहे प्रमुख
सम्मेलन में प्रदेश के कोने-कोने से अधिवक्ता पहुंचे। प्रमुख रूप से मिर्जापुर, भोगनीपुर, लखनऊ, बाराबंकी, सहारनपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर, मेरठ, कन्नौज, हमीरपुर, सीतापुर, मैनपुरी, उन्नाव, रायबरेली, बांदा, महोब सहित लगभग 30 जिलों के अध्यक्ष और महामंत्री मौजूद रहे।
भव्य स्वागत और सम्मान के साथ भोजन व्यवस्था
बाहर से आए सभी अधिवक्ता अतिथियों के सम्मान में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी गई। गैर जनपदों से आए सभी प्रतिनिधियों के लिए श्री राम अवतार महाना हॉल में सम्मानपूर्वक भोजन की व्यवस्था की गई थी। वहीं स्थानीय अधिवक्ताओं के लिए भी अलग से भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई थी।
कानपुर के स्थानीय अधिवक्ताओं ने भी पूरे जोश के साथ बाहर से आए मेहमानों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और अपने-अपने विचार रखते हुए सम्मेलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे कचहरी परिसर में अधिवक्ता एकता के नारों से माहौल गूंजता रहा।
क्या बोले पदाधिकारी
दि लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव और कानपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से बताया कि यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं है, बल्कि यह भविष्य के आंदोलन की रूपरेखा है। यहां जो प्रस्ताव पारित होंगे, उन्हें बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश और सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से एकजुट रहने की अपील की।
सम्मेलन के पहले दिन के बाद कल दूसरे दिन भी विभिन्न सत्रों में अधिवक्ता हितों पर मंथन जारी रहेगा और एक साझा मांग पत्र तैयार किया जाएगा।