Kanpur National Lok Adalat 12 September 2026: लोक अदालत में 2 लाख से ज्यादा मामलों के निस्तारण का लक्ष्य - Democracy Samachar
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लोक अदालत में 2 लाख से ज्यादा मामलों के निस्तारण का लक्ष्य

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • शहर में 12 सितंबर को लगने वाली लोक अदालत को लेकर प्रशासन ने युद्ध स्तर पर कमर कस ली है, वहीं इस लोक अदालत के माध्यम स...
  • जिले में 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLS...
  • 12 2026, प्रशासन, पुलिस बिजली विभाग और बैंकों के साथ बैठक

Uttar Pradesh (Kanpur)Kanpur National Lok Adalat 12 September 2026 : शहर में 12 सितंबर को लगने वाली लोक अदालत को लेकर प्रशासन ने युद्ध स्तर पर कमर कस ली है, वहीं इस लोक अदालत के माध्यम से 2 लाख से ज्यादा लोगों इस अदालत के जरिए से राहत देने की कोशिश रहेगी।

कानपुर : जिले में 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यह अदालत दीवानी न्यायालय परिसर के साथ-साथ जिले की सभी तहसीलों में एक साथ लगेगी।

Kanpur National Lok Adalat 12 September 2026, प्रशासन, पुलिस बिजली विभाग और बैंकों के साथ बैठक

लोक अदालत की नोडल अधिकारी और एडीजे-11 रश्मि सिंह ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, बिजली विभाग और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की गई।

बैठक में तय किया गया कि लोक अदालत में किन मामलों का निस्तारण किया जाएगा और कौन से मामले लोक अदालत की तारीख से पहले ही प्री-लिटिगेशन के तौर पर सुलझाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नालसा (NALSA) और सालसा (SALSA) के निर्देशों के अनुसार सभी विभागों के मामलों को एक जगह एकत्र कर विभागवार सुनवाई की जाएगी।

पिछली बार 2 लाख केस निपटे थे, इस बार लक्ष्य और बड़ा

रश्मि सिंह ने बताया कि पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में 2 लाख से अधिक मामलों का सफल निस्तारण किया गया था। इस बार प्राधिकरण का लक्ष्य इस आंकड़े से भी आगे निकलना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत देना है।

इन मामलों का होगा निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से इन मामलों का निपटारा किया जाएगा :

– बैंक रिकवरी और चेक बाउंस (धारा 138 NI Act) के मामले

– पारिवारिक और वैवाहिक विवाद

– मोटर दुर्घटना दावा (MACT) से जुड़ी याचिकाएं

– ट्रैफिक चालान और शमनीय आपराधिक वाद

– बिजली विभाग से जुड़े मामले

क्यों खास है लोक अदालत ?

लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से फैसले होते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि मामले का हमेशा के लिए अंत हो जाता है, अपील की जरूरत नहीं पड़ती। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होती है और आपसी रंजिश भी खत्म हो जाती है।

 

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