Kanpur RTO News : कानपुर RTO वसूलीकांड में शासन की बड़ी कार्रवाई,दो ARTO निलंबित, समानांतर ‘वसूली तंत्र’ का खुलासा
- Kanpur RTO News : कार्यालय में दलालों और अवैध वसूली पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर प्रशासन...
- Uttar Pardesh (Kanpur) : आरटीओ कार्यालय में दलालों और अवैध वसूली के ‘वसूली तंत्र’ पर शासन ने बड़ा शिकंजा कसा है। 24 अ...
- निलंबन के बाद आलोक कुमार सिंह को परिवहन मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उन पर अनुशासनहीनता, कार्य में घोर लापरवाही और...
Kanpur RTO News : कार्यालय में दलालों और अवैध वसूली पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरटीओ कार्यालय में चल रहे वसूली तंत्र पर शिकंजा करते हुए एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया, जिसमें दो आरटीओ अधिकारियों को निलंबित करते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया ।
Uttar Pardesh (Kanpur) : आरटीओ कार्यालय में दलालों और अवैध वसूली के ‘वसूली तंत्र’ पर शासन ने बड़ा शिकंजा कसा है। 24 अगस्त को हुई छापेमारी के बाद शासन स्तर से दो बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी है। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह और एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन के बाद आलोक कुमार सिंह को परिवहन मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उन पर अनुशासनहीनता, कार्य में घोर लापरवाही और कार्यालय पर प्रभावी नियंत्रण न रखने के गंभीर आरोप हैं। पूरे मामले की जांच अब वाराणसी के उप परिवहन आयुक्त करेंगे। दो अधिकारियों के निलंबन से पूरे परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
Kanpur RTO News : 5000 रुपये की हेराफेरी से खुला पूरा खेल
इस पूरे मामले का खुलासा एक ट्रक चालक की शिकायत से हुआ। हमीरपुर के ग्राम रूरा निवासी कामता प्रसाद ने जिलाधिकारी को शिकायत दी थी कि उनके ट्रक नंबर यूपी-91 एटी-4251 का 26,750 रुपये का चालान एआरटीओ प्रवर्तन तृतीय सोमलता यादव ने किया था।
आरोप के मुताबिक, जब चालक ने चालान की पूरी रकम जमा की तो कार्यालय के बाबू ने उसे केवल 21,750 रुपये की ही रसीद दी और बाकी के 5 हजार रुपये वापस नहीं किए। इसी शिकायत के आधार पर 24 अगस्त को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरटीओ कार्यालय पर छापा मारा था।
बाबुओं के काउंटर से मिली बेहिसाब नकदी
छापेमारी के दौरान जांच टीम को कई अनियमितताएं मिलीं। प्रवर्तन शाखा में तैनात बाबू मधुर मिश्रा और कैश प्रभारी बड़े बाबू विपिन कुमार के काउंटरों से नकदी बरामद हुई, जिसका वह कोई वैध हिसाब नहीं दे सके। पुलिस दोनों कर्मचारियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
अब ‘मास्टरमाइंड’ की तलाश में जुटी पुलिस
यह कार्रवाई सिर्फ दो अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरटीओ के अंदर यह कथित समानांतर वसूली व्यवस्था आखिर किसके इशारे पर चल रही थी। दलालों और कर्मचारियों के बीच के संपर्क, सालों से एक ही पटल पर जमे बाबुओं की भूमिका और वसूली के पूरे पैटर्न की गहन जांच की जा रही है।
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