KGMU Nursing Student Death: KGMU में छात्रा दिव्यांशी की मौत से हंगामा, 'We Want Justice' के नारे, छात्रों का प्रदर्शन - Democracysamachar.com
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KGMU में छात्रा दिव्यांशी की मौत से हंगामा, ‘We Want Justice’ के नारे, छात्रों का प्रदर्शन

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📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • KGMU कॉलेज ऑफ नर्सिंग की द्वितीय वर्ष की 22 वर्षीय छात्रा दिव्यांशी यादव की 19 सितंबर को डेंगू से मौत के बाद सोमवार क...
  •   उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सोमवार को माहौल बेहद तनावपूर्ण ...
  • प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सीधे तौर पर नर्सिंग प्रशासन पर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कह...

KGMU Nursing Student Death:KGMU कॉलेज ऑफ नर्सिंग की द्वितीय वर्ष की 22 वर्षीय छात्रा दिव्यांशी यादव की 19 सितंबर को डेंगू से मौत के बाद सोमवार को लखनऊ में साथी नर्सिंग छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों का आरोप है कि बीमार होने के बावजूद दिव्यांशी को कॉलेज प्रशासन ने छुट्टी नहीं दी और लगातार ड्यूटी कराई, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई। इसी को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों ने डीन के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 घटना के संबंध में छात्रों का प्रदर्शन एवं बाइट

KGMU Nursing Student Death:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सोमवार को माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। यहां नर्सिंग की एक छात्रा की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग छात्र-छात्राएं अपने विभाग के बाहर एकत्र हो गए और धरने पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। कैंपस में ‘वी वांट जस्टिस’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सीधे तौर पर नर्सिंग प्रशासन पर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर छात्रा को छुट्टी और इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

कौन थी दिव्यांशी ? क्या है पूरा मामला ?

मृतक छात्रा की पहचान दिव्यांशी यादव के रूप में हुई है, जो KGMU में बीएससी नर्सिंग 2025 बैच की छात्रा थी। छात्रों के मुताबिक, दिव्यांशी की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब चल रही थी। उसे बुखार और कमजोरी की शिकायत थी। उसने कई बार वार्डन और विभाग के अधिकारियों से तबीयत खराब होने की बात कहकर छुट्टी मांगी थी, लेकिन उसे छुट्टी नहीं दी गई।

छात्रों का आरोप है कि नर्सिंग विभाग में छात्रों से लगातार 8 से 12 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है, चाहे उनकी तबीयत कितनी भी खराब क्यों न हो। बीमार होने पर भी उन्हें सिर्फ दवा लेकर ड्यूटी करने को कहा जाता है। दिव्यांशी के साथ भी यही हुआ। लगातार ड्यूटी और इलाज में देरी के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई। तीन दिन पहले जब उसकी हालत ज्यादा गंभीर हुई, तब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दिव्यांशी की मौत की खबर जब कैंपस में फैली, तो नर्सिंग छात्रों में आक्रोश फैल गया। सोमवार सुबह से ही सभी छात्र एकजुट होकर प्रदर्शन करने लगे।

छात्रों के गंभीर आरोप: छुट्टी मांगने पर मिलती है सजा

धरने पर बैठे छात्रों ने KGMU के नर्सिंग प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि यहां छात्रों को इंसान नहीं, बल्कि बंधुआ मजदूर की तरह ट्रीट किया जाता है।

एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने बताया, “हम 12-12 घंटे वार्ड में खड़े रहते हैं। अगर थोड़ा सा बुखार भी आ जाए तो छुट्टी नहीं मिलती। कहा जाता है कि पैरासिटामॉल खाओ और ड्यूटी पर आ जाओ। अगर कोई छुट्टी मांगता है तो उसकी अटेंडेंस काट दी जाती है और उसे फेल करने की धमकी दी जाती है।”

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि नर्सिंग हॉस्टल में भी सुविधाओं का अभाव है। बीमार छात्रों के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं है। दिव्यांशी की मौत इसी सिस्टम की नाकामी का नतीजा है। छात्रों की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रशासन में हड़कंप, डीन को मौके पर आना पड़ा

छात्रों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही KGMU प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डीन नर्सिंग, चीफ प्रॉक्टर और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी।

हालांकि, छात्र अपने मांगों पर अड़े रहे। उनका साफ कहना था कि जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। छात्रों ने 5 सूत्रीय मांग पत्र भी प्रशासन को सौंपा है।

छात्रों की मुख्य मांगें:

1. दिव्यांशी यादव की मौत की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए।

2. छुट्टी न देने वाले संबंधित वार्डन और फैकल्टी पर कार्रवाई हो।

3. नर्सिंग छात्रों के लिए बीमार होने पर अनिवार्य अवकाश और इलाज की व्यवस्था की जाए।

4. ड्यूटी के घंटे तय किए जाएं और मानसिक उत्पीड़न बंद किया जाए।

5. मृतक छात्रा के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

KGMU की साख पर सवाल

KGMU उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेडिकल संस्थान माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से यहां छात्रों के उत्पीड़न के मामले सामने आते रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मेडिकल शिक्षा के दौरान छात्रों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

फिलहाल KGMU प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत का दौर जारी है। पुलिस भी एहतियात के तौर पर मौके पर तैनात है। दिव्यांशी के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है और वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं।

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