रेलवे ने किया बड़ा बदलाव, अब 700 सीरीज से शुरू होंगे PNR नंबर, दिसंबर में बदलेगा 40 साल पुराना सिस्टम, जानें जनता पर क्या होगा असर
- भारतीय रेलवे ने अपने दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को अपग्रेड करने के कारण पीएनआर (PNR) नंबर की सीरीज म...
- लखनऊ / नई दिल्ली- अगर आपने हाल में ट्रेन का आरक्षित टिकट बुक कराया है और आपका PNR नंबर 700 या 500 जैसी सीरीज से शुरू ...
- रेलवे के सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम () ने अपने पुराने () को अपग्रेड करके में बदल दिया है। इसी अपग्रेड के...
Railway PNR New Update:भारतीय रेलवे ने अपने दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को अपग्रेड करने के कारण पीएनआर (PNR) नंबर की सीरीज में बदलाव किया है।अब दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह तक सभी ट्रेनों के नए पीएनआर नंबर 1, 3, 5 या 7 अंक से शुरू होंगे।

Railway PNR 700 Series: लखनऊ / नई दिल्ली- अगर आपने हाल में ट्रेन का आरक्षित टिकट बुक कराया है और आपका PNR नंबर 700 या 500 जैसी सीरीज से शुरू हो रहा है तो घबराइए मत। यह कोई साइबर फ्रॉड या फर्जी टिकट नहीं है, बल्कि यही आपका नया और असली PNR है। भारतीय रेलवे ने अपने 40 साल पुराने आरक्षण सिस्टम में ऐतिहासिक बदलाव करने जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों के Passenger Name Record यानी PNR नंबरों की पूरी सीरीज को बदलने का फैसला किया है।
रेलवे के सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) ने अपने पुराने Passenger Reservation System (PRS) को अपग्रेड करके Next Generation PRS में बदल दिया है। इसी अपग्रेड के चलते अब PNR नंबरों की पुरानी पहचान खत्म होगी और नई माइग्रेटेड सीरीज शुरू होगी।
पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ से शुरू
इस नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ से शुरू कर दिया गया है। लखनऊ की ट्रेन नंबर 14210 इंटरसिटी के PNR अब 500 सीरीज से शुरू हो रहे हैं। यात्रियों को अब 500 से शुरू होने वाले 10 अंकों के PNR मिल रहे हैं।
रेलवे बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, देशभर की 1230 ट्रेनों को पहले चरण में इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक देश की सभी ट्रेनों के PNR नंबर अब 1, 3, 5 या 7 अंकों से शुरू होंगे। अब तक की जो व्यवस्था थी जिसमें PNR 2, 4, 6, 8 से शुरू होते थे, वह पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस में 17 नवंबर से नए PNR सीरीज लागू हो जाएगी, जबकि पुष्पक एक्सप्रेस में 2 दिसंबर से यह बदलाव लागू होगा। धीरे-धीरे सभी ट्रेनों को नए सिस्टम पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
1986 से चल रही थी पुरानी व्यवस्था, क्या था सिस्टम?
आपको बता दें कि भारतीय रेलवे में कंप्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली की शुरुआत वर्ष 1986 में हुई थी। तभी से PNR 10 अंकों का होता है। इसके शुरुआती तीन अंकों से पता चलता था कि टिकट किस जोन और किस डेटाबेस सेंटर से बना है।
रेलवे के चार डेटाबेस सेंटर हैं – दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई।
– दिल्ली डेटाबेस सेंटर से उत्तर भारत की ट्रेनों के टिकट बनते हैं और इनके PNR 2 से शुरू होते थे।
– कोलकाता सेंटर से पूर्वी भारत की ट्रेनों के टिकट बनते थे और PNR 6 से शुरू होते थे।
– मुंबई सेंटर से पश्चिम भारत की ट्रेनों के PNR 8 से शुरू होते थे।
– चेन्नई सेंटर से दक्षिण भारत की ट्रेनों के PNR 4 से शुरू होते थे।
इसी से रेलवे कर्मचारी अंदाजा लगा लेते थे कि टिकट किस जोन का है। लेकिन यह सिस्टम अब पुराना हो चुका है।
क्यों बदलना पड़ा PNR सिस्टम?
रेलवे ने अपने दशकों पुराने PRS सिस्टम को Next Generation System में अपग्रेड किया है। नया सिस्टम कहीं ज्यादा तेज और एडवांस है। अब काउंटर पर टिकट बनाते समय अगर नाम में कोई गलती हो गई तो उसे तुरंत सुधारा जा सकता है। एक ही बार में ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता, किराया, लोअर बर्थ की पोजीशन जैसी सभी जानकारियां एक ही स्क्रीन पर मिल जाती हैं।
पुरानी PNR सीरीज इस नए सिस्टम में तकनीकी बाधा बन रही थी। नंबरों की लिमिट और जोन वाइज बंटवारे के कारण सिस्टम की स्पीड पर असर पड़ रहा था। इसलिए CRIS ने फैसला किया है कि सभी पुराने PNR को नए माइग्रेटेड PNR में बदल दिया जाए। अब PNR किसी जोन से नहीं बंधा होगा, वह सीधे 1, 3, 5, 7 सीरीज से शुरू होगा, जिससे सर्वर पर लोड कम होगा और बुकिंग और भी तेज होगी।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आम यात्रियों पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। आपका टिकट पहले की तरह ही वैध रहेगा। सिर्फ नंबर की सीरीज बदलेगी।
लेकिन एक बात का ध्यान रखना होगा। अगर आपने टिकट पुराने सिस्टम में बुक किया है और आप यात्रा की तारीख बदलना चाहते हैं और वह तारीख नए सिस्टम में आ रही है, तो आपको अपना पुराना टिकट कैंसिल कराकर नया टिकट बनवाना होगा। तारीख परिवर्तन सीधे नहीं हो पाएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि 700 या 500 सीरीज का PNR देखकर घबराएं नहीं और इसे फर्जी न समझें। किसी भी संदेह के लिए 139 पर कॉल करके PNR की पुष्टि कर सकते हैं।
यह बदलाव भारतीय रेलवे के डिजिटल इंडिया की तरफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है।