हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौत के बाद हंगामा, स्कूल के बाहर शव रखकर 5 घंटे चला धरना प्रदर्शन, लाखों रूपये के मुआवजे पर समझौता*
- कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में एचटी लाइन की चपेट में आने से हुई चाचा-भतीजे की मौत के बाद रविवार तड़...
- घटना स्थल पर मृतकों के रोते बिलखते बच्चे
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में शनिवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। काकादेव थाना क्षेत्र के ...
Kanpur’s Rawatpur Incident: कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में एचटी लाइन की चपेट में आने से हुई चाचा-भतीजे की मौत के बाद रविवार तड़के सुबह परिजनों ने हंगामा कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव डबल पुलिया स्थित कानपुर पब्लिक स्कूल के बाहर रखकर परिजन और स्थानीय लोग मुआवजे की मांग करने लगे ,सूचना पर पहुंची पुलिस परिजनों को समझाने में जुटी रही, वहीं स्कूल प्रशासन के द्वारा लाखों रुपए के मुआवजा दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।
घटना स्थल पर मृतकों के रोते बिलखते बच्चे
Kanpur’s Rawatpur Incident: उत्तर प्रदेश के कानपुर में शनिवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। काकादेव थाना क्षेत्र के केशवपुरम स्थित बालाजी अपार्टमेंट में ग्रिल लगाने गए चाचा और भतीजे की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद रविवार सुबह जब दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
पुलिस और परिजनों की झड़प का वीडियो
आक्रोशित परिजनों और रिश्तेदारों ने अपार्टमेंट मालिक के काकादेव स्थित कानपुर पब्लिक इंटर कॉलेज के बाहर सड़क पर दोनों शव रखकर जाम लगा दिया और जमकर प्रदर्शन किया। करीब 5 घंटे तक चले हंगामे और बंद कमरे में हुई मैराथन बैठक के बाद आखिरकार दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
कौन थे मृतक और कैसे हुआ हादसा ?
मृतकों की पहचान रावतपुर निवासी राजपाल उर्फ छोटू (39) और उनके भतीजे अभिषेक उर्फ राहुल (30) के रूप में हुई है। राजपाल प्राइवेट वेल्डिंग और ग्रिल लगाने का काम करते थे। उनके परिवार में बुजुर्ग पिता विश्राम सिंह, पत्नी सुमन, दो बेटियां सौम्या और श्रेया और एक बेटा कबीर है। वहीं अभिषेक भी इसी काम में अपने चाचा का हाथ बंटाता था। उसके परिवार में पत्नी सुनीता और एक छोटी बेटी पूर्णिमा है।
घटना स्थल पर परिजन की बाइट
परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर राजपाल, अभिषेक और एक अन्य मजदूर केशवपुरम के 4 मंजिला बालाजी अपार्टमेंट में दूसरे फ्लोर के एक फ्लैट में लोहे की ग्रिल लगाने के लिए नाप लेने गए थे। नाप लेने के दौरान लोहे की ग्रिल या सरिया ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गया।
छूते ही तेज करंट दौड़ गया और दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। अपार्टमेंट में अफरातफरी फैल गई। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके साथ काम कर रहा तीसरा मजदूर भी झुलस गया, जिसका इलाज चल रहा है। सूचना पर पहुंची रावतपुर पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
घटना स्थल पर मौजूद परिजन के द्वारा दी गई बाइट
पोस्टमार्टम के बाद फूटा गुस्सा, स्कूल के बाहर शव रखकर जाम
रविवार सुबह करीब 7 बजे जब पोस्टमार्टम हाउस से दोनों शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। परिजनों ने अपार्टमेंट मालिक रीना सिंह पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अपार्टमेंट की इमारत के बेहद करीब से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, लेकिन बिल्डर ने न तो सुरक्षा के इंतजाम किए और न ही मजदूरों को कोई चेतावनी दी।
क्षेत्रीय पार्षद
इसी आक्रोश में परिजन दोनों शवों को लेकर काकादेव में अपार्टमेंट मालिक के स्कूल कानपुर पब्लिक इंटर कॉलेज के बाहर पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिवार की मांग थी कि दोनों मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को 20 हजार रुपये महीने की स्थायी नौकरी दी जाए और बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च स्कूल प्रबंधन उठाए।
घटनास्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद
6 थानों की फोर्स तैनात, बंद हॉल में 5 घंटे चली बैठक
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी, एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह के साथ पश्चिम जोन के करीब 6 थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभाला।
घटनास्थल पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस एम कासिम अबिदी द्वारा दी गई बाइट
एक तरफ बाहर सड़क पर शव रखकर महिलाएं और रिश्तेदार रोते-बिलखते प्रदर्शन कर रहे थे, तो दूसरी तरफ स्कूल के बंद हॉल में स्कूल मालिक, पुलिस अधिकारी, पार्षद और दोनों मृतकों के परिवार के करीब 30 लोगों के बीच समझौता वार्ता चल रही थी। करीब 4 राउंड और 5 घंटे तक चली बातचीत के बाद आखिरकार सहमति बन सकी।
क्षेत्रीय पार्षद विनय शुक्ला के द्वारा मौके पर दी गई बाइट
समझौते में तय हुईं ये बड़ी बातें
वार्ड 60 के पार्षद विनय शुक्ला की मौजूदगी में हुए समझौते के मुताबिक:
1. दोनों मृतकों की पत्नियों को 5-5 लाख रुपये के अकाउंट पेई चेक दिए गए हैं।
2. अंतिम संस्कार और क्रिया-कर्म के लिए दोनों परिवारों को 50-50 हजार रुपये नकद दिए गए हैं।
3. मृतक राजपाल के तीनों बच्चों की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई उसी स्कूल में निशुल्क होगी और उनकी पत्नी सुमन को 14 हजार रुपये महीने की नौकरी पर स्कूल में रखा जाएगा।
4. मृतक अभिषेक की बेटी पूर्णिमा की कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड के अच्छे स्कूल में निशुल्क कराई जाएगी और उसकी पत्नी सुनीता को 18 से 20 हजार रुपये महीने की नौकरी दी जाएगी।
मृतक राजपाल के छोटे भाई सुशील पाल ने कहा, “हम समझौते से संतुष्ट हैं। भाभी को चेक और नकद मिल गया है, नौकरी और बच्चों की पढ़ाई फ्री की बात मान ली गई है। हम पर कोई दबाव नहीं है।”
वहीं मृतक अभिषेक के पिता दीनदयाल ने भी कहा, “हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं। नातिन की पढ़ाई और बहू की नौकरी की बात तय हो गई है। हम संतुष्ट हैं।”
समझौते के बाद परिजन दोनों शवों को लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और लापरवाही के पहलुओं को देखा जा रहा है।